– मौत से सामना: मुरलीधर व्यास कॉलोनी से घर लौट रहा था हितेश व्यास; भाटों के बास के पास गले में फंसा मौत का धागा।
– सड़क पर गिरा: गर्दन कटते ही बाइक से असंतुलित होकर गिरा युवक; राहगीरों ने तुरंत पहुँचाया अस्पताल।
– आक्रोश में शहर: एक ही दिन में दो बड़ी घटनाओं से दहशत; प्रशासन की सख्ती पर उठ रहे हैं गंभीर सवाल।
बीकानेर, 17 अप्रैल (शुक्रवार)। बीकानेर में प्रतिबंधित चाइनीज मांझा अब लोगों के लिए 'फांसी का फंदा' साबित हो रहा है। देशनोक में 10 साल के मासूम की मौत के जख्म अभी भरे भी नहीं थे कि शहर के अंदरूनी इलाके में एक और युवक इसकी चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गया।
कैसे हुआ हादसा?
जानकारी के अनुसार, लालाणी व्यासों के चौक निवासी हितेश व्यास शुक्रवार शाम को मुरलीधर व्यास कॉलोनी से अपने घर की ओर जा रहा था। जैसे ही वह भाटों के बास से पहले पहुँचा, अचानक आसमान से लटकता हुआ चाइनीज मांझा उसके गले में आकर उलझ गया।
गर्दन कटी और सड़क पर गिरा लहूलुहान युवक
धागा इतना तेज था कि हितेश की गर्दन पर गहरा घाव हो गया और खून का फव्वारा फूट पड़ा। दर्द और घबराहट के कारण हितेश का बाइक से संतुलन बिगड़ गया और वह बीच सड़क पर गिर पड़ा। मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल उसे संभाला और अस्पताल पहुँचाया, जहाँ उसका उपचार जारी है।
प्रशासन के दावों की खुली पोल
एक ही दिन में दो घटनाओं ने यह साबित कर दिया है कि बीकानेर की सड़कों पर चलना अब जान जोखिम में डालने जैसा है। प्रशासन द्वारा लगाए गए प्रतिबंध केवल कागजों पर दिखाई दे रहे हैं, जबकि हकीकत में बाज़ारों में यह जानलेवा धागा धड़ल्ले से बिक रहा है और लोग इसका इस्तेमाल भी कर रहे हैं।


0 Comments