– अनुसंधान पूरा: 16 साल की किशोरी से दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने पेश किया चालान; मजदूरी के दौरान मोबाइल देकर आरोपी ने बढ़ाई थी नजदीकियां।
– धमकी और ज्यादती: माता-पिता की अनुपस्थिति में घर घुसकर करता रहा दुष्कर्म; 10 फरवरी को श्रीडूंगरगढ़ थाने में दर्ज हुआ था मामला।
– जांच रिपोर्ट: सीओ निकेत पारीक ने आरोपी को किया गिरफ्तार; वीडियो बनाने और 1 फरवरी की घटना की नहीं हुई पुष्टि, लेकिन दुष्कर्म का दोषी माना।
बीकानेर, 28 अप्रैल (मंगलवार)। बीकानेर जिले के श्रीडूंगरगढ़ थाना क्षेत्र के एक गांव में 16 वर्षीय किशोरी के साथ हुए दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने अनुसंधान पूर्ण कर आरोपी युवक को दोषी माना है। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने नाबालिग को लालच देकर पहले मोबाइल फोन दिया और फिर लंबे समय तक उसका शारीरिक शोषण करता रहा।
मजदूरी के दौरान हुई थी जान-पहचान
पुलिस के अनुसार, पीड़िता और आरोपी युवक दोनों एक ही गांव के निवासी हैं। करीब दो साल पहले पीड़िता जब खेतों में मजदूरी करने जाती थी, तब आरोपी के खेत में काम करने के दौरान दोनों की पहचान हुई थी। उसी दौरान 23 वर्षीय आरोपी ने पीड़िता को एक मोबाइल फोन दिया, जिसके माध्यम से दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई। जब पीड़िता के माता-पिता मजदूरी के लिए बाहर जाते, तो आरोपी घर में घुसकर उसके साथ दुष्कर्म करता था।
10 फरवरी को दर्ज हुआ था मामला
पीड़िता ने 10 फरवरी को रिपोर्ट दर्ज करवाई थी कि आरोपी ने उसका अश्लील वीडियो बनाकर वायरल करने की धमकी दी और लगातार ज्यादती की। रिपोर्ट में 1 फरवरी को भी घर में घुसकर दुष्कर्म करने और विरोध करने पर माता-पिता को जातिसूचक गालियां देने का आरोप लगाया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए श्रीडूंगरगढ़ सीओ निकेत पारीक ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया।
जांच में वीडियो की पुष्टि नहीं
पुलिस अनुसंधान में कुछ तथ्य स्पष्ट हुए हैं। जांच के दौरान पीड़िता के नहाते हुए वीडियो बनाने की पुष्टि नहीं हुई है और न ही ऐसा कोई वीडियो बरामद हुआ। साथ ही, 1 फरवरी 2026 की घटना के समय आरोपी का पीड़िता की ढाणी में होना नहीं पाया गया। हालांकि, पूर्व में लगातार हुए दुष्कर्म के साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ न्यायालय में चालान पेश कर दिया है।

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