Mobile Logo Settings

Mobile Logo Settings
Advertisement
Advertisement

बीकानेर: नहर में गिरी भेड़ को बचाने कूदे दो सगे भाई, पानी में डूबने से बड़े भाई की मौत, छोटे के लिए देवदूत बनकर आया राहगीर

India-1stNews



​— उदेसिया के पास सुबह 11 बजे हुआ हादसा: खिलेरिया निवासी दो सगे भाई पंजाब से भेड़ें चराकर लौटे थे; पानी पिलाते समय नहर में गिरी थी भेड़।

— देवदूत बनकर आया राहगीर: बाइक से गुजर रहे मनीराम ने नहर में छलांग लगाकर छोटे भाई दौलतराम को बेहोशी की हालत में निकाला बाहर; अस्पताल में इलाज जारी।

— मंदिर के लाउडस्पीकर से हुआ एनाउंसमेंट: हादसे की सूचना पर उदेसिया मंदिर के भोपू से करवाई घोषणा; भारी संख्या में जुटे गोताखोरों ने डूंगरराम का शव निकाला बाहर।



​बीकानेर, 24 जून (बुधवार)। बीकानेर जिले के लूणकरणसर थाना क्षेत्र के उदेसिया गांव के पास बुधवार सुबह एक बेहद दर्दनाक और रूह कंपा देने वाला हादसा सामने आया है। कंवरसेन लिफ्ट नहर के किनारे भेड़ को पानी पिलाने के दौरान नहर में गिरी भेड़ को बचाने के चक्कर में दो सगे भाई पानी के तेज बहाव में बह गए। इस हादसे में बड़े भाई की पानी में दम घुटने से मौत हो गई, जबकि छोटे भाई को एक राहगीर ने अपनी जान जोखिम में डालकर बेहोशी की हालत में सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

​इस दुखद घटना के बाद खिलेरिया गांव सहित पूरे भेड़ पालक समाज में गहरा शोक पसर गया है।

​भेड़ को बचाने के चक्कर में एक के बाद एक तीन साथी नहर में कूदे

​प्राथमिक पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी के अनुसार, मूल रूप से खिलेरिया गांव के रहने वाले खिलेरी परिवार के भेड़ पालक पिछले कुछ समय से पंजाब में भेड़ें चराकर वापस अपने वतन लौटे थे। बुधवार सुबह करीब 11 बजे उदेसिया के पास कंवरसेन लिफ्ट नहर के किनारे जब वे भेड़ों के झुंड को पानी पिला रहे थे, तभी एक भेड़ अचानक अनियंत्रित होकर नहर के गहरे पानी में गिर गई।

  • ​डूंगरराम ने पहले लगाई छलांग: अपनी भेड़ को डूबता देख डूंगरराम (26) पुत्र आसाराम खिलेरी ने बिना सोचे-समझे नहर में छलांग लगा दी। लेकिन पानी का बहाव बेहद तेज होने के कारण डूंगरराम खुद को संभाल नहीं पाया और डूबने लगा।
  • ​भाई को बचाने कूदा छोटा भाई: डूंगरराम को पानी में संघर्ष करता देख उसे बचाने के लिए उसका सगा भाई दौलतराम भी तुरंत नहर में उतर गया। पानी के भंवर में दोनों भाई एक-दूसरे को बचाने की जद्दोजहद में डूबने लगे।
  • ​तीसरे साथी ने भी किया प्रयास: दोनों भाइयों को डूबता देख उनके साथ आए तीसरे साथी भादरराम पुत्र फुसाराम खिलेरी ने भी नहर में छलांग लगाई, लेकिन पानी के भयानक वेग के आगे वह दोनों को बाहर नहीं निकाल पाया। खुद की जान पर संकट आते देख भादरराम किसी तरह तैरकर वापस किनारे पर आया।

​बाइक सवार मनीराम बने देवदूत, बेहोशी की हालत में दौलतराम को बचाया

​उसी दौरान पास के खेत से अपनी मोटरसाइकिल पर गुजर रहे उदेसिया गांव के निवासी मनीराम की नजर नहर किनारे मचे कोहराम पर पड़ी। मनीराम ने बिना एक सेकंड गंवाए मानवता का परिचय दिया और अपनी बाइक खड़ी कर सीधे उफनती नहर में छलांग लगा दी। मनीराम ने पानी के भीतर संघर्ष कर रहे छोटे भाई दौलतराम को मजबूती से पकड़ा और उसे बेहोशी की हालत में खींचकर सुरक्षित किनारे ले आए। ग्रामीणों ने तुरंत दौलतराम को नजदीकी अस्पताल के लिए रवाना किया, जहां उसका इलाज चल रहा है।

​मंदिर के लाउडस्पीकर से एनाउंसमेंट के बाद पहुंचे गोताखोर; बड़े भाई का शव बरामद

​दौलतराम को बचाने के बाद मनीराम को पता चला कि पानी के भीतर डूंगरराम भी फंसा हुआ है। मनीराम ने दोबारा पानी में उतरकर ढूंढने का प्रयास किया, लेकिन डूंगरराम का कोई सुराग नहीं मिला। इस बीच हादसे की खबर मिलते ही लूणकरणसर थाना पुलिस मौके पर पहुंची।

​डूबे हुए युवक की तलाश के लिए ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए उदेसिया गांव के स्थानीय मंदिर के भोपू (लाउडस्पीकर) पर जोर-जोर से घोषणा करवाई। अनाउंसमेंट सुनते ही आस-पास के खेतों और ढाणियों से भारी संख्या में ग्रामीण और स्थानीय गोताखोर रस्सियों व ट्यूब के साथ मौके पर पहुंच गए। करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद गोताखोरों ने डूंगरराम (26) को पानी से बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं। पुलिस तुरंत उसे लेकर अस्पताल पहुंची, जहां ड्यूटी डॉक्टरों ने उसे आधिकारिक तौर पर मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर अंतिम संस्कार के लिए शोकाकुल परिजनों को सौंप दिया है।

Post a Comment

0 Comments

📰 India First News — विज्ञापन एवं न्यूज़ देने के लिए संपर्क करें: 8562008562
Advertisement
Advertisement