Mobile Logo Settings

Mobile Logo Settings

रणजीतपुरा कांड का खुलासा: दरिंदा 'श्याम सुंदर' गिरफ्तार; हत्या के बाद परिजनों के साथ धरने पर बैठकर करता रहा पुलिस को गुमराह

India-1stNews



– शातिर दिमाग: मासूम की चुन्नी से गला घोंटा, फिर हमदर्दी जताने पहुंच गया धरना स्थल; सीसीटीवी और समय के गणित ने खोली पोल

– बड़ी जीत: मुआवजे और सहायता राशि पर बनी सहमति, चौथे दिन हुआ पोस्टमार्टम; भामाशाहों ने जुटाए 89 लाख रुपये

बीकानेर, 24 फरवरी (मंगलवार)। बीकानेर के रणजीतपुरा में 8वीं की छात्रा के साथ हुई हैवानियत के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। एसपी कावेंद्र सिंह सागर ने खुलासा किया कि आरोपी श्याम सुंदर को डिटेन कर लिया गया है। आरोपी ने न केवल मासूम का पीछा कर उसकी हत्या की, बल्कि गिरफ्तारी से बचने के लिए ग्रामीणों के साथ मिलकर धरने पर भी बैठ गया ताकि किसी को उस पर शक न हो।

सीसीटीवी फुटेज और 'समय' ने फंसाया आरोपी को

​एसपी ने बताया कि जांच के दौरान पुलिस को एक सीसीटीवी फुटेज मिला, जिसमें आरोपी 21 फरवरी को दोपहर 12:15 बजे घटनास्थल की ओर जाता और करीब 1:30 बजे लौटता दिखा। पूछताछ में आरोपी ने कहा कि वह खेत पर काम से गया था। पुलिस ने जब घटनास्थल और खेत के बीच की दूरी का हिसाब लगाया, तो पाया कि आरोपी को लौटने में जितना समय लगा, वह सामान्य से बहुत ज्यादा था। इसी 'टाइम गैप' ने पुलिस के शक को यकीन में बदल दिया। सख्ती से पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।

वारदात का खौफनाक मंजर

​आरोपी श्याम सुंदर छात्रा का परिचित नहीं था। उसने संभवतः पहली बार ही उसे देखा और पीछा करना शुरू किया। सुनसान रास्ते पर उसने छात्रा को रोका और विरोध करने पर उसकी चुन्नी से गला घोंटकर हत्या कर दी। हत्या के बाद वह सामान्य बनकर घर चला गया और अगले दिन धरने में शामिल होकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी करता रहा।

मुआवजे पर सहमति और धरना समाप्त

​घटना के चौथे दिन मंगलवार को प्रशासन और ग्रामीणों के बीच लिखित मांगों पर सहमति बन गई:

  1. वित्तीय सहायता: 5 लाख रुपये पीड़ित प्रतिकर योजना, 5 लाख रुपये सीएम सहायता कोष और भामाशाहों के सहयोग से 89 लाख रुपये की सहायता राशि।
  2. आवास व नौकरी: विधायक कोष से 10 लाख रुपये की लागत का आवास और परिवार के एक सदस्य को संविदा पर नौकरी।
  3. कठोर सजा: एक करोड़ रुपये की अतिरिक्त सहायता का प्रस्ताव सरकार को भेजा गया है। प्रशासन ने फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए प्रभावी पैरवी का भरोसा दिया है।

अधिकारियों की मौजूदगी में पोस्टमार्टम

​सहमति के बाद मंगलवार दोपहर करीब 1 बजे पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू हुई। इस दौरान ADG लता मनोज कुमार और एसपी सहित तमाम वरिष्ठ अधिकारी बज्जू थाने में मौजूद रहे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद दुष्कर्म की आधिकारिक पुष्टि और अन्य साक्ष्य स्पष्ट होंगे।


Post a Comment

0 Comments