– सुबह का कोहराम: रविवार सुबह 7 बजे अचानक भड़की आग; अर्जुनसर सरपंच सुमन गवारिया के पति पवन गवारिया की दुकान में हुआ हादसा।
– भारी नुकसान: दुकान की छत गिरी, 10 से 15 लाख का सामान जलकर कोयला; पास की दुकानों तक भी पहुँची लपटें।
– सिस्टम फेल: 3 घंटे देरी से पहुँची फायर ब्रिगेड; ग्रामीणों ने पानी के टैंकरों और खेती वाली स्प्रे मशीनों (ढोल) से पाया काबू।
बीकानेर, 29 मार्च (रविवार)। बीकानेर जिले के महाजन उप-तहसील के अंतर्गत आने वाले अर्जुनसर गांव के मुख्य बाजार में रविवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक दुकान से आग की ऊंची लपटें उठने लगीं। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया, जिससे बाजार में भगदड़ मच गई। स्थानीय नागरिकों के अदम्य साहस और एकजुटता के कारण एक बड़ा हादसा टल गया।
सरपंच की दुकान में 'शॉर्ट सर्किट' का अंदेशा
जानकारी के अनुसार, आग सरपंच सुमन गवारिया के पति पवन गवारिया की दुकान में सुबह करीब 7 बजे लगी। आग इतनी तेजी से फैली कि दुकान के भीतर रखा सारा कीमती सामान जलकर राख हो गया और गर्मी के कारण दुकान की छत तक गिर गई। शुरुआती अनुमान के मुताबिक, इस आगजनी में करीब 10 से 15 लाख रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है।
ग्रामीणों ने दिखाया 'जुगाड़' और जज्बा
फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई, लेकिन दूरस्थ क्षेत्र होने के कारण दमकल समय पर नहीं पहुँच सकी। ऐसे में स्थानीय ग्रामीणों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और किसानों ने हिम्मत नहीं हारी। लोगों ने अपने पानी के टैंकर मंगवाए और खेतों में इस्तेमाल होने वाली स्प्रे मशीनों (ढोल) के जरिए आग पर पानी की बौछारें शुरू कीं। काफी मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने आग को पास की अन्य दुकानों में फैलने से रोक लिया।
प्रशासन के खिलाफ फूटा गुस्सा
घटना के करीब 3 घंटे बाद जब फायर ब्रिगेड मौके पर पहुँची, तब तक ग्रामीण आग पर काफी हद तक काबू पा चुके थे। दमकल की इस देरी और महाजन क्षेत्र में स्थाई फायर स्टेशन के अभाव को लेकर व्यापारियों और ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन समय पर सक्रिय होता, तो नुकसान को बहुत कम किया जा सकता था।


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