Mobile Logo Settings

Mobile Logo Settings

बीकानेर के 'देव अरस्तु' का वैश्विक स्तर पर डंका: पोलिश एकेडमी ऑफ साइंसेज के बोर्ड में नियुक्त; ऑक्सफोर्ड और अमेरिकन दिग्गजों की श्रेणी में शामिल

India-1stNews



– ऐतिहासिक उपलब्धि: 'फिलोजोफिया ई नौका' (Filozofia i Nauka) के सलाहकार बोर्ड में नियुक्त होने वाले पहले और सबसे युवा भारतीय बने देव अरस्तु।

– बौद्धिक कद: इलिनोइस, ऑक्सफोर्ड और ग्रेनाडा विश्वविद्यालय के विश्वविख्यात प्रोफेसरों के साथ साझा करेंगे मंच।

– सींथल से पोलैंड तक: सैद्धांतिक भौतिकी, ब्रह्मांड विज्ञान और दर्शनशास्त्र के क्षेत्र में शोध के लिए मिली अंतरराष्ट्रीय पहचान।

बीकानेर, 29 मार्च (रविवार)। अंतरराष्ट्रीय विद्वत्ता और शोध के क्षेत्र में बीकानेर के लाल देव अरस्तु पंचारिया (Dev Arastu Panchariya) ने इतिहास रच दिया है। उन्हें 'पोलिश एकेडमी ऑफ साइंसेज' (PAN) के प्रतिष्ठित दार्शनिक और तर्कसंगत आधार स्तंभ 'फिलोजोफिया ई नौका' के सलाहकार बोर्ड (Advisory Board) में नियुक्त किया गया है। यह संस्था पोलैंड के विज्ञान और उच्च शिक्षा मंत्रालय द्वारा समर्थित पूर्वी यूरोप की सर्वोच्च वैज्ञानिक परिषद है।

विश्व के शीर्ष बुद्धिजीवियों के साथ हुए शुमार

​देव अरस्तु अब उस विशिष्ट काउंसिल का हिस्सा बन गए हैं, जिसमें दुनिया के सबसे प्रभावशाली मस्तिष्क शामिल हैं। इस बोर्ड में उनके साथ प्रो. पीटर बोल्टुक (पूर्व सलाहकार, अमेरिकी रक्षा विभाग), प्रो. मारिया जोस फ्रापोली सांज (पूर्व प्रोफेसर, ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय), और सिविलाइजेशन थ्योरी के जनक प्रो. एंड्रयू टारगोव्स्की जैसे दिग्गज शामिल हैं।

सबसे युवा और पहले भारतीय: एक 'पीढ़ीगत बदलाव'

​सैकड़ों वर्षों की परंपरा वाली इस यूरोपीय संस्था में देव अरस्तु अब तक के सबसे कम उम्र के सलाहकार के रूप में उभरे हैं। उनकी नियुक्ति को 20वीं सदी की पारंपरिक विद्वत्ता और 21वीं सदी की वैज्ञानिक जटिलताओं के बीच एक 'बौद्धिक सेतु' (Intellectual Bridge) के रूप में देखा जा रहा है। उनकी ब्रह्मांड के रहस्यों को सुलझाने की क्षमता और उच्च स्तरीय दार्शनिक संवाद ने उन्हें उस मंच पर स्थान दिलाया है, जो आमतौर पर केवल यूरोप के अत्यंत वरिष्ठ विद्वानों के लिए आरक्षित होता है।

कौन हैं देव अरस्तु पंचारिया?

​बीकानेर के सींथल गांव के रहने वाले देव अरस्तु सैद्धांतिक भौतिकी (Theoretical Physics), ब्रह्मांड विज्ञान (Cosmology) और गणित में गहन शोध कर रहे हैं। वे फिलोसोफी की विभिन्न धाराओं को अर्थशास्त्र के 'क्रिटिकल थ्योरी' से जोड़ने वाले प्रखर विचारक हैं। जन-मानस में उन्हें 'अगला अल्बर्ट आइंस्टाइन' (Next Albert Einstein) के रूप में भी देखा जा रहा है।

नियुक्ति का वैश्विक महत्व

​एक सलाहकार के रूप में, पंचारिया अब यह तय करने में रणनीतिक भूमिका निभाएंगे कि विज्ञान और दर्शनशास्त्र भविष्य में वास्तविकता के प्रति मानवीय समझ को कैसे आकार देंगे। इस निर्वाचन ने न केवल देव अरस्तु के व्यक्तिगत कद को बढ़ाया है, बल्कि बीकानेर और भारत को वैश्विक बौद्धिक विमर्श के केंद्र में लाकर खड़ा कर दिया है।

Post a Comment

0 Comments