– शातिर जाल: 14 मार्च को आया वीडियो कॉल; खुद को अधिकारी बताकर बुजुर्ग को किया 'डिजिटल अरेस्ट'।
– धमकी का खेल: सिम कार्ड से आपत्तिजनक मैसेज भेजने और युवती की आत्महत्या के मामले में फंसाने की दी धमकी।
– पुलिस की कार्रवाई: साइबर थाना पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए ठगों के खाते में 1.76 लाख रुपये करवाए होल्ड।
बीकानेर, 30 मार्च (सोमवार)।बीकानेर के गंगाशहर थाना क्षेत्र में रहने वाले एक बुजुर्ग 'डिजिटल अरेस्ट' के नए तरीके की ठगी का शिकार हो गए। साइबर अपराधियों ने बुजुर्ग को कानून और बदनामी का ऐसा डर दिखाया कि उन्होंने घबराहट में 5.10 लाख रुपये ठगों के बताए खाते में ट्रांसफर कर दिए। हालांकि, समय रहते शिकायत करने पर पुलिस ने कुछ राशि होल्ड करवा ली है।
केस की कहानी: डर और डिजिटल घेराबंदी
पीड़ित बोथरा के पास 14 मार्च को एक अनजान वीडियो कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को बड़ा अधिकारी बताते हुए कहा कि उनके केनरा बैंक खाते से 3 करोड़ रुपये का संदिग्ध लेनदेन हुआ है। ठगों ने उन पर आरोप लगाया कि उनके सिम कार्ड से आपत्तिजनक वीडियो और मैसेज भेजे गए हैं, जिसके कारण एक युवती ने आत्महत्या कर ली है।
ठगों ने बुजुर्ग को डराया कि वे पुलिस की निगरानी में हैं (डिजिटल अरेस्ट) और उन्हें किसी से संपर्क नहीं करने की सख्त हिदायत दी। डर के मारे बुजुर्ग ने अपने एसबीआई (SBI) खाते से ठगों के निजी बैंक खाते में 5.10 लाख रुपये भेज दिए।
50 लाख की और मांग से खुला राज
ठगों का लालच यहीं खत्म नहीं हुआ। 27 मार्च को उन्होंने फिर संपर्क किया और केस रफा-दफा करने के बदले 50 लाख रुपये की और मांग की। इतनी बड़ी रकम की मांग सुनकर बुजुर्ग को ठगी का अंदेशा हुआ। उन्होंने हिम्मत जुटाकर अपने परिजनों को पूरी बात बताई, जिसके बाद मामला पुलिस तक पहुँचा।
साइबर पुलिस का एक्शन
साइबर थाना प्रभारी रमेश सर्वटा ने बताया कि शिकायत मिलते ही पुलिस ने तुरंत बैंकिंग चैनल के जरिए संपर्क साधा और ठगों के खाते में मौजूद 1.76 लाख रुपये होल्ड करवा दिए हैं। पुलिस अब उन बैंक खातों की डिटेल्स खंगाल रही है जिनमें पैसा ट्रांसफर हुआ था, ताकि आरोपियों तक पहुँचा जा सके।
अपील: कोई भी सरकारी एजेंसी वीडियो कॉल पर आपको 'अरेस्ट' नहीं करती। ऐसे कॉल आने पर तुरंत 1930 पर शिकायत करें।

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