– हैरान करने वाला कारनामा: अंबेडकर सर्किल स्थित पंप पर दावा— "गाड़ी की क्षमता 42 लीटर, बिल थमाया 52 लीटर का।"
– सोशल मीडिया पर आक्रोश: पेट्रोल पंप मालिक और कर्मचारियों के खिलाफ जांच की मांग; यूजर्स बोले— "ईरान-इजराइल के तनाव के बीच बीकानेर में नया 'चमत्कार'।"
– पारदर्शिता पर सवाल: क्या मशीनों में की गई है छेड़छाड़? रसद विभाग से सख्त कार्रवाई की उम्मीद।
बीकानेर, 29 मार्च (रविवार)।बीकानेर के व्यस्ततम अंबेडकर सर्किल स्थित एक पेट्रोल पंप पर कथित तौर पर धोखाधड़ी का एक चौंकाने वाला मामला प्रकाश में आया है। एक उपभोक्ता द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो ने शहर के वाहन चालकों के बीच खलबली मचा दी है। वीडियो में दावा किया गया है कि जिस गाड़ी की फ्यूल टैंक क्षमता (Capacity) महज 42 लीटर है, उसमें मशीन ने 52 लीटर डीजल भर दिया।
10 लीटर का 'अदृश्य' अंतर
वायरल वीडियो के अनुसार, उपभोक्ता ने जब अपनी गाड़ी की टंकी फुल करवाई, तो मीटर की रीडिंग देखकर उसके होश उड़ गए। गाड़ी के मैनुअल के हिसाब से टंकी में अधिकतम 42 लीटर ईंधन आ सकता है, लेकिन पंप की मशीन ने 52.05 लीटर का आंकड़ा दिखाया। उपभोक्ता का आरोप है कि या तो मीटर में चिप लगाकर छेड़छाड़ की गई है या फिर हवा भरकर बिल बढ़ाया जा रहा है।
यूजर्स ने किया जमकर ट्रोल
वीडियो वायरल होते ही नेटिजन्स ने पेट्रोल पंप प्रबंधन को निशाने पर ले लिया है। लोग मजाकिया और तीखे लहजे में कह रहे हैं कि बीकानेर के इस पंप ने 'इंजीनियरिंग के नए आयाम' स्थापित कर दिए हैं। वहीं, कुछ गंभीर यूजर्स ने जिला कलेक्टर और रसद विभाग (DSO) को टैग करते हुए इस पंप की मशीनों की तत्काल जांच (Calibration Test) करने की मांग की है।
प्रशासनिक जांच का इंतजार
हालांकि, वायरल हो रहे इस वीडियो की सत्यता की पुष्टि आधिकारिक तौर पर होना अभी बाकी है, लेकिन इस घटना ने आम जनता के मन में संदेह पैदा कर दिया है। जानकारों का कहना है कि अक्सर पाइप और नली में रहने वाले ईंधन के कारण थोड़ा अंतर आ सकता है, लेकिन 10 लीटर का अंतर सीधे तौर पर बड़ी गड़बड़ी की ओर इशारा करता है।

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