– इतिहास में पहली बार: सार्दुल क्लब पर निगम की बड़ी स्ट्राइक; किसी भी पूर्व आयुक्त ने अब तक नहीं दिखाई थी इतनी सख्ती।
– व्यावसायिक मेलों का अड्डा: क्लब मैदान में साल भर लगते हैं मेले और प्रदर्शनी, फिर भी नहीं चुकाया जा रहा टैक्स; 50% छूट का भी नहीं उठाया लाभ।
– BKESL पर भी शिकंजा: करोड़ों का यूडी टैक्स दबाए बैठी बिजली कंपनी पर भी कार्रवाई की तैयारी; आमजन का कनेक्शन काटने वाली कंपनी खुद है 'डिफॉल्टर'।
बीकानेर, 16 मार्च (सोमवार)। नगर निगम आयुक्त मयंक मनीष के नेतृत्व में बीकानेर में यूडी टैक्स वसूली के लिए एक अभूतपूर्व अभियान चल रहा है। इस अभियान ने उस समय सुर्खियां बटोर लीं, जब नगर निगम की टीम ने शहर के सबसे पुराने और वीआईपी माने जाने वाले सार्दुल क्लब को नोटिस जारी कर दिया।
सार्दुल क्लब: डेढ़ करोड़ की देनदारी
सार्दुल क्लब पर नगर निगम का करीब डेढ़ करोड़ रुपये का यूडी टैक्स बकाया है। आय के बावजूद अनदेखी: क्लब के विशाल मैदान का उपयोग आए दिन व्यावसायिक मेलों, सर्कस और प्रदर्शनियों के लिए किया जाता है, जिससे क्लब को मोटी आय होती है। छूट को नकारा: सरकार द्वारा यूडी टैक्स में 50 प्रतिशत की भारी छूट दी जा रही है, इसके बावजूद क्लब प्रशासन ने बकाया जमा कराने में कोई रुचि नहीं दिखाई।
चर्चा का विषय: शहर में चर्चा है कि अब तक किसी भी आयुक्त ने सार्दुल क्लब जैसी रसूखदार संस्था को नोटिस देना जरूरी नहीं समझा था, लेकिन मयंक मनीष की इस कार्रवाई ने स्पष्ट कर दिया है कि नियम सबके लिए बराबर हैं।
BKESL पर भी करोड़ों का बकाया
निगम की रडार पर बीकानेर में बिजली सप्लाई करने वाली कंपनी BKESL भी है। जानकारी के अनुसार, कंपनी पर करोड़ों रुपये का यूडी टैक्स बकाया है।
दोहरा मापदंड: शहरवासियों में इस बात को लेकर खासा रोष है कि BKESL एक महीने का बिल बकाया होने पर आम उपभोक्ताओं के बिजली कनेक्शन काटने में देरी नहीं करती, लेकिन खुद करोड़ों का सरकारी टैक्स दबाकर बैठी है।
आयुक्त का सख्त संदेश
आयुक्त मयंक मनीष ने स्पष्ट किया है कि वसूली अभियान में किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जाएगा। यदि नोटिस के बाद भी टैक्स जमा नहीं होता है, तो निगम नियमानुसार संपत्ति सीज करने की कार्रवाई से भी पीछे नहीं हटेगा।



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