– नाम मृदुल, काम सख्त: 2016 बैच के चर्चित IPS मृदुल कच्छावा ने बुधवार को संभाला कार्यभार; भरतपुर सहित 5 जिलों में दिखा चुके हैं अपना दम।
– अपराधियों में खौफ: पद संभालते ही दिए कड़े संकेत— "मादक पदार्थों की तस्करी और संगठित अपराध पर प्रभावी रोकथाम रहेगी पहली प्राथमिकता।"
– आमजन में विश्वास: मीडिया से रूबरू होकर बोले नए एसपी— "पुलिस के ध्येय वाक्य को चरितार्थ करेंगे; बीकानेर में होगी असर्टिव पुलिसिंग।"
बीकानेर, 18 मार्च (बुधवार)। बीकानेर के नए जिला पुलिस अधीक्षक (SP) के रूप में मृदुल कच्छावा ने बुधवार को विधिवत रूप से पदभार ग्रहण कर लिया है। बीकानेर पुलिस मुख्यालय पहुँचने पर उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। पदभार संभालने के बाद नए कप्तान ने जिले की सुरक्षा व्यवस्था और कानून व्यवस्था को लेकर अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट कर दी हैं।
5 जिलों का अनुभव और 'सोशल' पहचान
2016 बैच के IPS मृदुल कच्छावा राजस्थान पुलिस के उन गिने-चुने अधिकारियों में शामिल हैं, जिनकी कार्यशैली 'रील' (सोशल मीडिया) पर जितनी लोकप्रिय है, 'रियल' (धरातल) पर उतनी ही प्रभावशाली। वे इससे पहले भरतपुर सहित पांच जिलों में कमान संभाल चुके हैं, जहाँ उन्होंने डकैतों और खनन माफियाओं के खिलाफ मोर्चा खोलकर अपनी पहचान एक 'असर्टिव' ऑफिसर के रूप में बनाई है।
बीकानेर में 'जीरो टॉलरेंस' की नीति
मीडिया से पहली औपचारिक बातचीत में एसपी मृदुल कच्छावा ने कहा कि उनका मुख्य लक्ष्य "आमजन में विश्वास और अपराधियों में भय" को धरातल पर उतारना है। उन्होंने कहा: बीकानेर और सीमावर्ती क्षेत्रों में मादक पदार्थों की तस्करी को जड़ से खत्म करने पर विशेष फोकस रहेगा। जिले में सक्रिय गैंगस्टरों और आदतन अपराधियों को कड़ा संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि अपराधी कोई भी हो, उसे कानून की जद से बाहर नहीं जाने दिया जाएगा।बीकानेर को फिलहाल जिस सक्रिय और सतर्क पुलिसिंग की आवश्यकता है, उसके लिए वे जल्द ही टीम के साथ नई रणनीति तैयार करेंगे।
क्यों थी कच्छावा की दरकार?
हाल के दिनों में बीकानेर में झपट्टा मार गिरोह, अवैध गैस रिफिलिंग और सरेराह हत्या जैसी वारदातों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए थे। ऐसे में मृदुल कच्छावा जैसे सख्त अधिकारी का आना बीकानेरवासियों के लिए सुरक्षा की एक नई उम्मीद लेकर आया है।

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