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बीकानेर में 'फूड पॉइजनिंग' का कहर; दाल खाने के बाद एक ही परिवार के 8 लोग बीमार, PBM में भर्ती

India-1stNews



– सनसनीखेज मामला: सोमवार रात भोजन के बाद बिगड़ी तबीयत; उल्टी-दस्त और बेहोशी की हालत में सुबह अस्पताल पहुँचाया गया परिवार।

– चपेट में बच्चे भी: बीमार होने वालों में 8 साल के मासूम से लेकर 40 साल के बुजुर्ग तक शामिल; 2 बच्चों को पीबीएम के चिल्ड्रेन वार्ड में किया गया शिफ्ट।

– तत्परता: भाजपा नेता मोहन कस्बा और रवि शेखर मेघवाल ने अस्पताल पहुँचकर सुनिश्चित कराईं व्यवस्थाएं; डॉक्टरों की विशेष टीम कर रही निगरानी।

बीकानेर, 31 मार्च (मंगलवार)।नापासर थाना क्षेत्र के मूंडसर गांव में सोमवार की रात एक परिवार के लिए काल बन गई। घर में बना सादा भोजन (दाल) करने के बाद परिवार के 8 सदस्यों की तबीयत अचानक इस कदर बिगड़ी कि उन्हें आनन-फानन में बीकानेर के पीबीएम अस्पताल के आपातकालीन वार्ड में भर्ती करवाना पड़ा। घटना की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग और प्रशासनिक हलकों में खलबली मच गई।

दाल खाने के बाद शुरू हुआ उल्टियों का दौर

​मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार रात परिवार ने साथ मिलकर खाना खाया था। भोजन में दाल बनी थी। खाना खाने के कुछ ही देर बाद एक-एक कर सभी सदस्यों को पेट दर्द और उल्टियां होने लगीं। सुबह होते-होते स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि सभी को बीकानेर रेफर करना पड़ा।

अस्पताल में भर्ती मरीजों की सूची:

​डॉक्टरों के अनुसार, बीमार होने वालों में निम्नलिखित सदस्य शामिल हैं:

  1. ​मांगीलाल मुंड (40)
  2. ​रानी देवी मुंड (38)
  3. ​महेंद्र मुंड (35)
  4. ​परमा देवी मुंड (25)
  5. ​श्रवण मुंड (20)
  6. ​निर्मल मुंड (16)
  7. ​हंसराज मुंड (11)
  8. ​करणवीर मुंड (8)

क्या कहते हैं डॉक्टर?

​पीबीएम अस्पताल के डॉ. शुभकरण ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह मामला फूड पॉइजनिंग का लग रहा है। संभवतः भोजन में इस्तेमाल की गई दाल या किसी अन्य सामग्री में विषाक्तता (Toxicity) आ गई थी। फिलहाल एक मरीज की हालत गंभीर बनी हुई है, जबकि बाकी 7 सदस्यों की स्थिति स्थिर बताई जा रही है। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम को सूचित कर दिया गया है ताकि भोजन के सैंपल लेकर जांच की जा सके।

सांसद सेवा केंद्र सक्रिय

​घटना की सूचना मिलते ही भाजपा युवा नेता मोहन कस्बा ने सांसद सेवा केंद्र के रवि शेखर मेघवाल को स्थिति से अवगत कराया। इसके बाद अस्पताल प्रशासन को विशेष निर्देश दिए गए ताकि पीड़ितों को बिना किसी देरी के बेहतर इलाज मिल सके।


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