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राजस्थान में 'खेजड़ी' और हरे पेड़ों को मिलेगा कानूनी कवच: सरकार ला रही है सख्त कानून; कटाई पर जेल और भारी जुर्माने की तैयारी

India-1stNews



– बड़ी पहल: विधि मंत्री श्री जोगाराम पटेल की अध्यक्षता में हुई तीसरी महत्वपूर्ण बैठक; विधेयक (Bill) का प्रारूप तैयार।

– सख्त प्रावधान: अवैध कटाई पर प्रभावी रोक के लिए कठोर दंड, अपील और विशेष जांच प्रक्रिया को विधेयक में किया गया शामिल।

– सुरक्षित प्रजातियां: संरक्षित पेड़ों की बनेगी विशेष सूची; पर्यावरण संरक्षण के लिए स्थापित होगा सशक्त कानूनी ढांचा।

जयपुर/बीकानेर, 22 मार्च (रविवार)। राजस्थान की पहचान और राज्य वृक्ष 'खेजड़ी' सहित अन्य हरे पेड़ों के संरक्षण के लिए राज्य सरकार अब एक नया और सख्त कानून लाने जा रही है। रविवार को जयपुर में संसदीय कार्य एवं विधि मंत्री श्री जोगाराम पटेल की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में प्रस्तावित विधेयक के ड्राफ्ट पर गहन मंथन किया गया। इस बैठक में राजस्व मंत्री श्री हेमन्त मीणा सहित वन और विधि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

विधेयक में क्या होगा खास?

​बैठक में यह सुनिश्चित किया गया कि नए कानून का उद्देश्य पर्यावरण की सुरक्षा करना है, लेकिन इसका स्वरूप ऐसा होगा जिससे आमजन को कोई अनावश्यक परेशानी न हो।

कठोर दंड: हरे पेड़ों की अवैध कटाई करने वालों के खिलाफ भारी जुर्माने और सख्त सजा के प्रावधान किए जा रहे हैं।

अपील और जांच: विधेयक में स्पष्ट क्षेत्राधिकार, जांच की प्रक्रिया और अपील के लिए अलग से कानूनी व्यवस्था का खाका खींचा गया है।

प्राधिकरण का गठन: कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विशेष प्राधिकरण बनाने पर भी विचार हुआ।

बनेगी 'संरक्षित पेड़ों' की लिस्ट

​सरकार ने निर्णय लिया है कि खेजड़ी के अलावा अन्य संवेदनशील और दुर्लभ प्रजातियों के पेड़ों की एक सूची तैयार की जाएगी। इस सूची में शामिल पेड़ों को काटना अपराध की श्रेणी में आएगा और उनके संवर्धन के लिए विशेष बजट व योजनाएं बनाई जाएंगी।

अगला कदम: जल्द आएगा अंतिम प्रारूप

​मंत्री जोगाराम पटेल ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि बैठक में प्राप्त सुझावों को शामिल कर अतिशीघ्र विधेयक का संशोधित और अंतिम प्रारूप तैयार किया जाए। माना जा रहा है कि आगामी विधानसभा सत्र में इस विधेयक को पेश किया जा सकता है, जिससे राजस्थान में पेड़ों की कटाई पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके।

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