– सुनियोजित ठगी: शादी के नाम पर 1.85 लाख रुपये नकद और सोने-चांदी के जेवर हड़पे; फर्जी रिश्तेदार बनकर रचाया गया था विवाह।
– बहाना और फरार: विदाई के कुछ समय बाद 'मायके में मौत' का झूठा ड्रामा रचा; मौका पाकर जेवरात समेत हुई रफूचक्कर।
– पुलिस एक्शन: एएसआई काशीराम कस्वां को सौंपी गई जांच; दुल्हन सहित पूरी गैंग की तलाश में जुटी पुलिस।
बीकानेर, 05 अप्रैल (रविवार)।बीकानेर के सीमावर्ती क्षेत्र छतरगढ़ में शादी के नाम पर ठगी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ एक परिवार ने बहू के रूप में जिस महिला का स्वागत किया था, वह असल में एक शातिर गैंग की सदस्य निकली। दुल्हन और उसके कथित रिश्तेदारों ने मिलकर पीड़ित परिवार को लाखों का चूना लगाया और फरार हो गए।
लाखों का 'सौदा' और फर्जी रिश्तों का जाल
पीड़ित परिवार के अनुसार, शादी तय करने के नाम पर आरोपियों ने 1 लाख 85 हजार रुपये नकद लिए थे। इसके अलावा, शादी की रस्मों के दौरान दुल्हन को सोने और चांदी के कीमती आभूषण भी पहनाए गए थे। गिरोह ने बड़ी ही चतुराई से फर्जी पहचान पत्र और झूठे रिश्तेदार पेश कर परिवार का विश्वास जीता था।
मौत का बहाना बनाकर हुई चंपत
शादी के कुछ समय बाद ही दुल्हन ने अपना असली रंग दिखाना शुरू कर दिया। उसने अचानक परिवार में किसी करीबी की मौत होने का बहाना बनाया और मायके जाने की जिद की। दुखी परिवार ने सहानुभूति दिखाते हुए उसे जाने दिया, लेकिन वह अपने साथ घर में रखे जेवरात और नकदी भी समेट ले गई।
नंबर ब्लॉक और पहचानने से इनकार
जब दुल्हन काफी समय तक वापस नहीं लौटी, तो पीड़ित पक्ष ने उसके मोबाइल और कथित रिश्तेदारों से संपर्क साधा। सभी के नंबर बंद या ब्लॉक मिले। परेशान होकर जब पीड़ित परिवार आरोपियों के पते पर पहुँचा, तो वहां मौजूद लोगों ने उन्हें पहचानने तक से इनकार कर दिया और पैसे लौटाने की बात पर झगड़ने लगे। तब जाकर परिवार को समझ आया कि वे एक बड़े मैरिज स्कैम का शिकार हो चुके हैं।
पुलिस की कार्रवाई शुरू
छतरगढ़ पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए दुल्हन सहित 11 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और साजिश रचने का मामला दर्ज किया है। मामले की जांच एएसआई काशीराम कस्वां कर रहे हैं। पुलिस अब उन बिचौलियों और फर्जी रिश्तेदारों की कुंडली खंगाल रही है जिन्होंने इस शादी में मध्यस्थता की थी।

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