Mobile Logo Settings

Mobile Logo Settings

SI भर्ती 2021 रद्द: हाईकोर्ट की खंडपीठ ने एकल पीठ के फैसले पर लगाई मुहर; RPSC पर तल्ख टिप्पणी— "पूरी परीक्षा मजाक बन गई"

India-1stNews



– बड़ा फैसला: एक्टिंग सीजे संजीव प्रकाश शर्मा व जस्टिस संगीता शर्मा की बेंच ने 28 अगस्त 2025 के आदेश को रखा बरकरार; अब दोबारा होगी भर्ती।

– भ्रष्टाचार का खुलासा: परीक्षा से 35 दिन पहले ही सदस्यों ने लीक किया था पेपर; जगदीश विश्नोई और कालेर गैंग के जरिए रिश्तेदारों तक पहुँचाया गया।

– राहत की खबर: दोबारा होने वाली भर्ती में 2021 के सभी 2.21 लाख अभ्यर्थियों को मिलेगी आयु सीमा में छूट।

जोधपुर/जयपुर, 05 अप्रैल (रविवार)। राजस्थान हाईकोर्ट ने प्रदेश की सबसे चर्चित सब इंस्पेक्टर (SI) भर्ती 2021 को लेकर अपना अंतिम फैसला सुना दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि आरपीएससी (RPSC) के भीतर से ही सुनियोजित तरीके से पेपर लीक किया गया था, जिससे पूरी चयन प्रक्रिया दूषित हो गई। खंडपीठ ने सरकार को आदेश दिया है कि उन सदस्यों को तत्काल हटाया जाए जिनके खिलाफ धांधली की टिप्पणियां की गई हैं।

RPSC चेयरमैन और सदस्यों पर गंभीर आरोप

​हाईकोर्ट की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान राजस्थान लोक सेवा आयोग की कार्यप्रणाली को आड़े हाथों लिया। कोर्ट ने कहा:

​"आरपीएससी सदस्यों ने परीक्षा से 35 दिन पहले ही पेपर लीक कर अपने रिश्तेदारों और दलालों को दे दिया। चेयरमैन की भूमिका भी संदिग्ध है, जिन्होंने पेपर लीक के आरोपी सदस्यों को इंटरव्यू बोर्ड में शामिल किया। सत्ता में बैठे लोग बिना जांच-परख के मनमर्जी से सदस्यों का चयन करते हैं, जिससे आयोग पर आमजन का भरोसा हिल गया है।"


सरकार की दलील खारिज

​राज्य सरकार की ओर से एडवोकेट जनरल (AG) राजेंद्र प्रसाद ने दलील दी थी कि भर्ती में केवल दोषियों की छंटनी संभव है और पूरी भर्ती रद्द करना गलत है। हालांकि, कोर्ट ने इस दलील को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि धांधली इतनी व्यापक थी कि इसमें 'पवित्र' और 'दूषित' अभ्यर्थियों को अलग करना मुमकिन नहीं है। पेपर लीक जगदीश विश्नोई और कालेर गैंग के जरिए गहराई तक फैला हुआ था।

अभ्यर्थियों को आयु सीमा में छूट

​असफल अभ्यर्थियों की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता ओपी सोलंकी ने बताया कि खंडपीठ ने एकल पीठ के आदेश को यथावत रखा है। इसका अर्थ यह है कि अब सरकार को नए सिरे से भर्ती प्रक्रिया शुरू करनी होगी। इस नई प्रक्रिया में उन सभी 2.21 लाख अभ्यर्थियों को आयु सीमा (Age Relaxation) में छूट दी जाएगी, जिन्होंने 2021 की इस भर्ती में भाग लिया था।

वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने रखा पक्ष

​इस महत्वपूर्ण मामले में प्रार्थी पक्ष की ओर से सीनियर एडवोकेट आरपी सिंह और अधिवक्ता हरेंद्र नील ने प्रभावी बहस की। वहीं, चयनित अभ्यर्थियों की ओर से अधिवक्ता तनवीर अहमद ने पक्ष रखा। कोर्ट ने अपने आदेश के उस हिस्से को हटा दिया है जिसमें आरपीएससी की कार्यशैली पर जनहित याचिका (PIL) दर्ज करने की बात कही गई थी, लेकिन भर्ती रद्द करने का फैसला अडिग रहा।

Post a Comment

0 Comments