– अनैतिकता पर वार: एसपी मृदुल कच्छावा के निर्देशन में कोटगेट एसएचओ धीरेंद्र सिंह की टीम का बड़ा एक्शन; शहर में हड़कंप।
– जोकर कैफे में बुलडोजर: बार-बार की चेतावनी के बाद भी नहीं हटाए गुप्त केबिन; पुलिस ने मौके पर पहुँचकर किया जमींदोज।
– गूगल स्पा पर रेड: रानी बाजार के कॉम्प्लेक्स में चल रही थी संदिग्ध गतिविधियां; बाहरी राज्यों की युवतियां भी शामिल।
बीकानेर, 06 अप्रैल (सोमवार)।बीकानेर शहर में अवैध गतिविधियों और अनैतिक कार्यों के अड्डों पर पुलिस काल बनकर टूट रही है। जिला पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा के 'जीरो टॉलरेंस' विजन के तहत कोटगेट पुलिस ने सोमवार को शहर के दो प्रमुख ठिकानों पर बड़ी कार्रवाई की।
1. जोकर कैफे: चेतावनियों को अनसुना करना पड़ा भारी
विवादों से पुराना नाता रखने वाले जोकर कैफे पर पुलिस का गुस्सा फूटा है। थानाधिकारी धीरेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि कैफे संचालकों को पूर्व में सख्त हिदायत दी गई थी कि वे अवैध रूप से बनाए गए छोटे-छोटे और गुप्त केबिनों को हटा लें। पुलिस की चेतावनी को हल्के में लेना भारी पड़ा और सोमवार को पुलिस टीम ने खुद मौके पर पहुँचकर इन केबिनों को तोड़ दिया। बता दें कि इस कैफे से पहले भी कई बार संदिग्ध हालत में युवक-युवतियों को पकड़ा जा चुका है।
2. गूगल स्पा सेंटर: रानी बाजार में पुलिस की दबिश
कैफे के बाद पुलिस का अगला निशाना बना रानी बाजार क्षेत्र स्थित एक कॉम्प्लेक्स में संचालित 'गूगल स्पा सेंटर'। यहाँ अनैतिक गतिविधियों की गोपनीय सूचना मिलने पर एसएचओ धीरेंद्र सिंह की टीम ने अचानक छापा मारा। मौके से 4 युवतियों और 1 युवक को संदिग्ध अवस्था में पकड़ा गया है। पकड़ी गई युवतियों में से 3 बीकानेर के बाहर (अन्य राज्यों/शहरों) की रहने वाली हैं, जबकि एक स्थानीय है। पुलिस इनके रिकॉर्ड और स्पा की आड़ में चल रहे धंधे की गहनता से जांच कर रही है।
एसएचओ का कड़ा संदेश: "अनैतिक कार्य बर्दाश्त नहीं"
कार्रवाई के बाद एसएचओ धीरेंद्र सिंह ने स्पष्ट किया कि स्पा, कैफे और अन्य ऐसे सार्वजनिक स्थानों की आड़ में किसी भी प्रकार का अनैतिक कार्य बीकानेर में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हाल ही में कोतवाली थाना पुलिस ने भी इसी तरह की कार्रवाई की थी, और अब यह अभियान पूरे शहर में निरंतर जारी रहेगा।
पुराना है विवादों का नाता
जोकर कैफे पुलिस की रडार पर काफी समय से रहा है। इससे पहले भी कई बार यहां दबिश के दौरान लड़के-लड़कियों को संदिग्ध हालत में पकड़ा गया था। बार-बार की कार्रवाई के बावजूद कैफे प्रबंधन अपनी कार्यप्रणाली बदलने को तैयार नहीं था। पुलिस का मानना है कि ऐसे केबिन अपराध और अनैतिकता को बढ़ावा देते हैं, इसलिए इन्हें पूरी तरह से हटाना जरूरी था।

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