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गंगाशहर दुष्कर्म मामला: हैवानियत करने वाले रिश्तेदार को अब जेल में ही आएगी मौत

India-1stNews



​– न्याय की जीत: 14 वर्षीय मासूम से दरिंदगी करने वाले रिश्तेदार को कोर्ट ने माना दोषी; शेष जीवनकाल तक काटना होगा कारावास।

– 2022 का मामला: गंगाशहर क्षेत्र में खेल रही मंदबुद्धि बालिका का फायदा उठाकर किया था दुष्कर्म; मां ने रंगे हाथों देखा था।

– कड़ा जुर्माना: आजीवन कारावास के साथ 1 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया; 12 गवाहों की गवाही से मुकाम तक पहुँचा मामला।

​बीकानेर, 11 अप्रैल (शनिवार)।मूक और असहाय बच्चों के खिलाफ अपराध करने वालों के लिए बीकानेर की पोक्सो अदालत ने नजीर पेश की है। गंगाशहर क्षेत्र में करीब दो साल पहले एक मंदबुद्धि बालिका के साथ हुए दुष्कर्म के मामले में शनिवार को कोर्ट ने अपना अंतिम फैसला सुनाया। कोर्ट ने दोषी को इतनी सख्त सजा दी है कि वह अब अपनी अंतिम सांस तक जेल की दीवारों के पीछे ही रहेगा।

​रिश्तेदारी को किया था कलंकित

​घटना 21 जून 2022 की है। गंगाशहर इलाके में एक 14 साल की मंदबुद्धि बालिका अपने घर के पास खुली जगह पर खेल रही थी। इसी दौरान आरोपी, जो रिश्ते में बालिका का भाई लगता था, वहां पहुँचा। उसने बालिका की मानसिक स्थिति का फायदा उठाते हुए उसके साथ हैवानियत की। जब पीड़िता की मां मौके पर पहुँची, तो आरोपी को देख उसके होश उड़ गए और आरोपी वहां से फरार हो गया।

​12 गवाहों ने पुख्ता किया मामला

​सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने मजबूती से पैरवी की। मामले में कुल 12 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। राज्य सरकार की ओर से विशिष्ट लोक अभियोजक शिवचंद भोजक और परिवादी की ओर से अधिवक्ता रतनसिंह राठौड़ ने दलीलें पेश कीं। साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर पोक्सो कोर्ट संख्या-दो के न्यायाधीश ने आरोपी को दोषी करार दिया।

​ऐतिहासिक फैसला: शेष जीवनकाल तक जेल

​न्यायालय ने मामले की गंभीरता और पीड़िता की स्थिति को देखते हुए आरोपी को प्राकृतिक मृत्यु (Natural Death) तक के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही आरोपी पर 1 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। इस फैसले के बाद न्यायिक गलियारों और आमजन में इस बात की चर्चा है कि मासूमों के खिलाफ अपराध करने वालों के लिए कानून में कोई रियायत नहीं है।

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