– कुदरत का करिश्मा: अरजनसर, फुलेजी और रामसरा में जोरदार ओलावृष्टि; दोपहर में ही छा गया अंधेरा, सड़कों और खेतों में जमी बर्फ।
– मौसम अलर्ट: बीकानेर संभाग में 'ऑरेंज अलर्ट' जारी; पश्चिमी विक्षोभ के चलते शनिवार को भी मेघगर्जन और बिजली गिरने की चेतावनी।
– किसानों की चिंता: पकी हुई फसलों पर ओलों की मार से भारी नुकसान की आशंका; 5 अप्रैल से मौसम साफ होने के आसार।
बीकानेर, 03 अप्रैल (शुक्रवार)।बीकानेर जिले में शुक्रवार को कुदरत का अनोखा रूप देखने को मिला। सुबह से जारी बादलों की आवाजाही दोपहर होते-होते तेज बारिश और ओलावृष्टि में बदल गई। विशेष रूप से महाजन, लूणकरनसर और अरजनसर क्षेत्रों में इतनी अधिक ओलावृष्टि हुई कि दूर-दूर तक जमीन बर्फ से ढकी नजर आई, जिसने राहगीरों को पहाड़ी इलाकों की याद दिला दी।
पश्चिमी विक्षोभ का असर: 14 मील की रफ्तार से चली हवाएं
मौसम विभाग के अनुसार, एक शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने से बीकानेर संभाग के मौसम में यह बड़ा बदलाव आया है। शुक्रवार सुबह से ही आसमान में घने बादल छाए रहे और धूलभरी ठंडी हवाएं चलने लगीं। दोपहर बाद शुरू हुई बारिश के साथ गिरे ओलों ने तापमान में भारी गिरावट दर्ज की है, जिससे रात के समय एक बार फिर गुलाबी सर्दी का अहसास होने लगा है।
इन क्षेत्रों में येलो और ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग ने बीकानेर के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही पड़ोसी जिलों श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, झुंझुनूं और जोधपुर में भी येलो अलर्ट के तहत मेघगर्जन और वज्रपात की चेतावनी दी गई है। मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार, शनिवार (4 अप्रैल) को भी बीकानेर में मौसम का मिजाज ऐसा ही बना रह सकता है।
खेती पर 'आसमानी' आफत
एक तरफ जहाँ आमजन के लिए यह सुहावना मौसम है, वहीं किसानों के लिए यह 'आसमानी आफत' बनकर बरसा है। खेतों में कटाई के लिए तैयार खड़ी फसलों पर ओले गिरने से दाना झड़ने और फसल के काले पड़ने की आशंका है। किसानों का कहना है कि लंबे समय बाद बीकानेर में इस स्तर की ओलावृष्टि देखी गई है, जो रबी की फसलों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है।
आगे क्या?
- 4 अप्रैल: मेघगर्जन, बिजली और धूलभरी आंधी के साथ हल्की बारिश की संभावना।
- 5 अप्रैल: मौसम धीरे-धीरे साफ होने लगेगा और सूर्य के तेवर फिर तीखे होंगे।
- 7-8 अप्रैल: एक और नए विक्षोभ के आने की संभावना जताई गई है।








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