– दहशत का मंजर: खेत में खेलते समय अचानक टूट पड़े आधा दर्जन कुत्ते; परिजनों ने मशक्कत के बाद छुड़ाया मासूम को।
– हालत नाजुक: गंभीर रूप से घायल बच्चे का पीबीएम ट्रोमा सेंटर में इलाज शुरू; शरीर पर गहरे जख्मों के निशान।
– ग्रामीणों का गुस्सा: "प्रशासन की चुप्पी किसी की जान लेगी"; आवारा कुत्तों के बढ़ते आतंक से दहशत में पांचू के ग्रामीण।
बीकानेर, 13 अप्रैल (सोमवार)। बीकानेर जिले के पांचू गांव की रोही में सोमवार को एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना घटी। अपने परिवार के साथ खेत में मौजूद एक 3 वर्षीय मासूम को आवारा कुत्तों के झुंड ने अपना शिकार बनाने की कोशिश की। इस हमले ने एक बार फिर शहर और ग्रामीण इलाकों में बेकाबू होते आवारा कुत्तों की समस्या को उजागर कर दिया है।
खेलते समय हुआ हमला
जानकारी के अनुसार, मासूम बच्चा खेत में खेल रहा था, तभी अचानक वहां पहुंचे आधा दर्जन से अधिक कुत्तों के झुंड ने उस पर हमला कर दिया। बच्चे की दर्दनाक चीख सुनकर पास ही काम कर रहे परिजन मौके पर दौड़े। परिजनों ने डंडे और पत्थर मारकर बड़ी मुश्किल से कुत्तों को वहां से भगाया, लेकिन तब तक कुत्ते बच्चे को कई जगह से बुरी तरह नोच चुके थे।
PBM ट्रोमा सेंटर में उपचार जारी
लहूलुहान हालत में बच्चे को तुरंत बीकानेर के पीबीएम अस्पताल लाया गया। चिकित्सकों के अनुसार, बच्चे की स्थिति गंभीर है और उसे विशेष निगरानी में रखा गया है। कुत्तों के हमले से बच्चे के शरीर पर गहरे घाव हुए हैं, जिनका उपचार किया जा रहा है।
प्रशासन की लापरवाही पर फूटा आक्रोश
इस घटना के बाद पांचू और आसपास के ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है। ग्रामीणों का आरोप है कि इलाके में आवारा कुत्तों का आतंक कोई नई बात नहीं है, लेकिन बार-बार की शिकायतों के बावजूद प्रशासन और संबंधित विभाग मूकदर्शक बने हुए हैं। स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इन कुत्तों को पकड़ने या नियंत्रित करने के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए, तो ग्रामीण आंदोलन को मजबूर होंगे।

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