– बड़ी विसंगति: जयपुर में 89 रुपये और बीकानेर में 114 रुपये किलो; भारी अंतर से टैक्सी संचालकों की कमर टूटी।
– आंदोलन की चेतावनी: जीप कार टैक्सी यूनियन ने प्रशासन को चेताया— "दाम कम नहीं हुए तो करेंगे चक्का जाम।"
– नीति पर सवाल: प्रदूषण कम करने के लिए सीएनजी को बढ़ावा, लेकिन आसमान छूती कीमतों ने ड्राइवरों को फिर डीजल-पेट्रोल की ओर धकेला।
बीकानेर, 7 मई (गुरुवार)। बीकानेर में सीएनजी (CNG) की आसमान छूती कीमतों ने आम उपभोक्ता और विशेष रूप से परिवहन क्षेत्र से जुड़े लोगों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। हाल ही में प्रति किलोग्राम 5 रुपये की नई बढ़ोतरी के बाद अब बीकानेर में सीएनजी की दरें 114.33 रुपये के स्तर पर पहुँच गई हैं। इन बेतहाशा बढ़ी कीमतों के विरोध में टैक्सी यूनियनों ने अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है।
बीकानेर में सबसे महंगी गैस क्यों?
'जीप कार टैक्सी यूनियन' बीकानेर के अध्यक्ष हीराराम बिश्नोई ने बताया कि एक तरफ केंद्र और राज्य सरकारें प्रदूषण मुक्त ईंधन को बढ़ावा देने की बात करती हैं, वहीं दूसरी ओर बीकानेर में सीएनजी की कीमतें अन्य शहरों की तुलना में बेहद ज्यादा हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जयपुर में सीएनजी की कीमत लगभग 89.16 रुपये प्रति किलोग्राम है, जबकि बीकानेर में यह 25 रुपये से भी अधिक महंगी मिल रही है।
पर्यावरण संरक्षण को लग रहा झटका
टैक्सी चालकों का कहना है कि उन्होंने पर्यावरण को बचाने और कम खर्चे की उम्मीद में लाखों रुपये खर्च कर गाड़ियों में सीएनजी किट लगवाए थे, लेकिन अब सीएनजी की कीमत पेट्रोल के करीब पहुँच रही है। ऐसे में कई चालक दोबारा पारंपरिक ईंधन (पेट्रोल-डीजल) की ओर रुख कर रहे हैं, जो सीधे तौर पर पर्यावरण संरक्षण की नीति के खिलाफ है।
यूनियन ने दिया अल्टीमेटम
अध्यक्ष हीराराम बिश्नोई ने प्रशासन और संबंधित सीएनजी प्रदाता कंपनियों से मांग की है कि बीकानेर में गैस की दरों को तुरंत अन्य शहरों के बराबर लाया जाए। यूनियन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही कीमतों में कमी नहीं की गई, तो टैक्सी चालक और वाहन स्वामी व्यापक स्तर पर विरोध प्रदर्शन और आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।

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