– बड़ा प्रहार: घड़सीसर रोड पर मकान में दबिश देकर पुलिस ने जब्त किया मौत का सामान; प्रेगाबैलिन और टैपेंटाडोल की भारी खेप बरामद।
– सटीक सूचना: कांस्टेबल मुखराम की मुखबिरी और थानाधिकारी परमेश्वर सुथार के नेतृत्व में मिली बड़ी सफलता।
– मेडिकल स्टोर कनेक्शन: सादुलगंज के मेडिकल स्टोर से जुड़े हैं तार; किराए के कमरे में छिपाकर रखी गई थीं दवाइयां।
बीकानेर/गंगाशहर, 7 मई (गुरुवार)। बीकानेर में नशे के सौदागरों के खिलाफ एसपी मृदुल कच्छावा का 'ऑपरेशन नीलकंठ' पूरी रफ्तार से चल रहा है। इसी कड़ी में गंगाशहर थाना पुलिस ने गुरुवार को एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए घड़सीसर रोड स्थित एक मकान से करीब 22 हजार नशीले कैप्सूल और गोलियों का जखीरा बरामद किया है। नशे की यह खेप इतनी बड़ी है कि इसने सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं।
किराए के कमरे में मौत का भंडारण
थानाधिकारी परमेश्वर सुथार के अनुसार, कांस्टेबल मुखराम को सटीक सूचना मिली थी कि घड़सीसर रोड निवासी उमाशंकर सोलंकी के मकान में अवैध नशीली दवाइयां रखी हुई हैं। पुलिस ने जब रेड मारी तो वहां से भारी मात्रा में प्रेगाबैलिन और टैपेंटाडोल कैप्सूल मिले। जांच में सामने आया कि उमाशंकर ने अपने घर का एक हिस्सा अभिषेक और विपिन जोशी को किराए पर दे रखा था और उन्हीं के कब्जे से यह नशीला जखीरा बरामद हुआ।
इमरजेंसी ड्रग का नशे में इस्तेमाल
पकड़ी गई दवाइयां (टैपेंटाडोल और प्रेगाबैलिन) दरअसल गंभीर दर्द निवारक दवाइयां हैं, जिनका उपयोग डॉक्टरी सलाह पर इमरजेंसी में किया जाता है। लेकिन नशेड़ी युवा इनका इस्तेमाल नशे के रूप में कर रहे हैं, जिसकी लत शरीर को अंदर से खोखला कर देती है। ड्रग इंस्पेक्टर की रिपोर्ट पर आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया जाएगा।
फरार आरोपी की तलाश, सादुलगंज से जुड़े तार
कार्रवाई के दौरान आरोपी विपिन जोशी पुलिस के हत्थे चढ़ गया, जबकि मुख्य आरोपी अभिषेक फिलहाल फरार है। पुलिस के अनुसार, एक आरोपी सादुलगंज स्थित एक नामी मेडिकल स्टोर का पूर्व कर्मचारी रहा है, जो अब अलग-अलग मेडिकल स्टोर्स पर इन प्रतिबंधित दवाइयों की अवैध सप्लाई करता था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन दवाइयों का मुख्य सोर्स क्या है और बीकानेर में इनका नेटवर्क कहाँ तक फैला है।

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