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बीकानेर रेंज पुलिस का 'म्यूल हंटर' अभियान: 231 संदिग्ध खाते ब्लॉक, 15 तस्कर गिरफ्तार; साइबर ठगी पर बड़ी चोट

India-1stNews



​– बड़ा एक्शन: आईजी ओमप्रकाश के सुपरविजन में 1 महीने चला विशेष अभियान; साइबर ठगी के हॉट स्पॉट और संदिग्ध खातों के खिलाफ की गई प्रभावी घेराबंदी।

– पूछताछ और गिरफ्तारी: 834 संदिग्धों से पूछताछ कर 15 लोगों को किया गिरफ्तार; 267 म्यूल अकाउंट किए गए चिह्नित।

– बरामदगी: आरोपियों के कब्जे से 1.61 लाख रुपये नकद, 39 स्मार्टफोन और 3 लैपटॉप जब्त।

​बीकानेर, 2 मई (शनिवार)। बीकानेर रेंज में साइबर अपराधों की कमर तोड़ने और संदिग्ध बैंक खातों (म्यूल अकाउंट) के बढ़ते जाल को खत्म करने के लिए पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। रेंज आईजी ओमप्रकाश के निर्देशन में 1 अप्रैल से 30 अप्रैल तक विशेष अभियान “म्यूल हंटर” चलाया गया। इस एक महीने की कार्रवाई में पुलिस ने साइबर ठगी के नेटवर्क पर कड़ा प्रहार किया है।

​834 संदिग्धों से पूछताछ

अभियान के दौरान रेंज पुलिस ने कुल 267 म्यूल अकाउंट चिह्नित किए। इनसे जुड़े 834 संदिग्ध खाताधारकों को थाने बुलाकर कड़ी पूछताछ की गई। जांच के बाद पुलिस ने कुल 33 नए आपराधिक मामले दर्ज करते हुए गिरोह से जुड़े 15 शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने अब तक 231 म्यूल खातों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की है।

​नकदी और गैजेट्स बरामद

पुलिस ने कार्रवाई के दौरान आरोपियों के पास से 1 लाख 61 हजार 500 रुपये नकद बरामद किए हैं। इसके अलावा साइबर ठगी में इस्तेमाल होने वाले 39 स्मार्टफोन और 3 लैपटॉप भी जब्त किए गए हैं।

​क्या होते हैं म्यूल अकाउंट?

साइबर ठग पुलिस की पकड़ से बचने के लिए गरीब या लालची लोगों के बैंक खातों को किराए पर लेते हैं। कम कमीशन का लालच देकर इन खातों का इस्तेमाल किया जाता है और ठगी की राशि इन्हीं में मंगाई जाती है। पुलिस अब ऐसे खाताधारकों पर भी सख्त कार्रवाई कर रही है जो लालच में आकर अपराधियों का साथ दे रहे हैं।

​AI टूल 'म्यूल हंटर' से पहचान

म्यूल हंटर आरबीआई इनोवेशन हब द्वारा विकसित एक उन्नत AI-आधारित टूल है। यह साइबर अपराध में इस्तेमाल होने वाले संदिग्ध 'म्यूल बैंक खातों' की रीयल-टाइम में पहचान कर उन्हें ब्लॉक करने का काम करता है, जिससे पुलिस को अपराधियों को दबोचने में बड़ी सफलता मिली है।

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