— भव्य शुभारम्भ: आस्था के प्रमुख केंद्र श्री कोडमदेसर भैरव मंदिर परिसर स्थित ऐतिहासिक तालाब को पुनर्जीवित करने के लिए पूजा-अर्चना एवं बाबा के जयकारों के साथ अभियान का आगाज हुआ।
— बजट और संकल्प: तालाब के कायाकल्प, सुरक्षा दीवारों के पुनर्निर्माण, लाइटिंग और पिलर कार्य पर करीब 35-40 लाख रुपए की लागत आने की संभावना है, जिसके लिए भक्तों ने संकल्प लिया है।
— भामाशाहों का सहयोग: अभियान की शुरुआत के साथ ही पहले दिन लगभग 4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्राप्त हुई, वहीं युवाओं के ग्रुप ने भी बड़ी राशि की घोषणा की है।
बीकानेर, 17 मई (रविवार)। बीकानेर के सुप्रसिद्ध आस्था एवं लोकविश्वास के केंद्र श्री कोडमदेसर भैरव मंदिर परिसर में स्थित ऐतिहासिक तालाब के जीर्णोद्धार एवं व्यापक सफाई अभियान का रविवार सुबह विधिवत शुभारम्भ हुआ। कम्यूनिटी वेलफेयर सोसायटी के तत्वावधान में आयोजित इस पुनीत कार्य की शुरुआत राष्ट्रीय संत सरजूदास जी महाराज, पं. जुगलकिशोर ओझा (पुजारी बाबा) एवं पंडित राजेंद्र किराड़ू के सान्निध्य में विशेष पूजा-अर्चना के साथ की गई।
सांस्कृतिक धरोहर को बचाने का सामूहिक संकल्प अभियान के शुभारम्भ पर कम्यूनिटी वेलफेयर सोसायटी के संरक्षक राजकुमार किराड़ू ने कहा कि यह अभियान केवल एक जलाशय की सफाई नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक धरोहर, जन-आस्था और पर्यावरण संरक्षण का सामूहिक संकल्प है। सदियों पुराने इस तालाब को समाज के सहयोग से पुनः जीवंत बनाया जाएगा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में समाजसेवी राजेश चूरा, कोडमदेसर भैरव मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष जेठाराम गहलोत तथा पुजारी त्रिलोक गहलोत उपस्थित रहे। इस दौरान डॉ. कन्हैया कच्छावा और उमा सुथार ने भी संबोधित करते हुए इसे आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी पर बल दिया।
35-40 लाख की लागत से निखरेगा स्वरूप, दीवारों का होगा पुनर्निर्माण सोसायटी अध्यक्ष कन्हैयालाल भाटी ने बताया कि उपस्थित सैकड़ों भक्तों ने तालाब की सुध लेते हुए इसके मूल स्वरूप को वापस लौटाने का संकल्प लिया है। जीर्णोद्धार कार्य के तहत जर्जर हो चुकी तालाब की दीवारों को फिर से निर्मित किया जाएगा। इसके साथ ही तालाब परिसर को आकर्षक बनाने के लिए पिलर और आधुनिक लाइटिंग के कार्य करवाए जाएंगे। इस पूरे प्रोजेक्ट पर करीब 35 से 40 लाख रुपए खर्च होने का अनुमान है।
पहले ही दिन 4 लाख की मदद, जयश्री भैरुनाथ ग्रुप की बड़ी घोषणा धार्मिक और सामाजिक सरोकार के इस कार्य के लिए भामाशाहों ने तुरंत हाथ आगे बढ़ाए हैं। अभियान के पहले ही दिन करीब 4 लाख रुपए की नकद सहायता राशि प्राप्त हुई। आर्थिक सहयोग देने वालों में पं. जुगलकिशोर ओझा, आसुराम गहलोत, सेवाराम गहलोत, भगवान गहलोत, डॉ. राधाकृष्ण आर्य, कैलाश पारीक, विकास जावा और दीनदयाल गहलोत सहित अनेक श्रद्धालु शामिल रहे। इसके अलावा 'जयश्री भैरुनाथ ग्रुप' के सदस्यों ने, जिन्होंने गत रविवार से ही सफाई की शुरुआत कर दी थी, शीघ्र ही 51 हजार रुपए की राशि देने की घोषणा की है। इस अवसर पर बीकानेर और ग्रामीण क्षेत्रों से आए सैकड़ों श्रद्धालु और पर्यावरणप्रेमी उपस्थित थे।
0 Comments