— उपेक्षा का शिकार: आस्था के प्रमुख केंद्र कोडमदेसर भैरूनाथ मंदिर के पीछे स्थित सैकड़ों वर्ष पुराना ऐतिहासिक तालाब सूख चुका है और उसकी दीवारें जर्जर हो गई हैं।
— पुनर्जीवित करने का संकल्प: कम्यूनिटी वेलफेयर सोसायटी द्वारा तालाब के जीर्णोद्धार और व्यापक सफाई अभियान के तहत श्रमदान शुरू करने का निर्णय लिया गया है।
— अभियान की शुरुआत: रविवार, 17 मई 2026 को प्रातः 10 बजे से इस सफाई एवं जीर्णोद्धार अभियान का विधिवत शुभारम्भ किया जाएगा।
बीकानेर, 16 मई (शनिवार)। बीकानेर से लगभग 25-30 किलोमीटर दूर स्थित प्रसिद्ध आस्था धाम कोडमदेसर में ऐतिहासिक तालाब को पुनर्जीवित करने के लिए एक विशेष अभियान की शुरुआत होने जा रही है। कम्यूनिटी वेलफेयर सोसायटी द्वारा रविवार से इस प्राचीन तालाब के जीर्णोद्धार एवं व्यापक सफाई का बीड़ा उठाया गया है।
मंदिर परिसर पर मंडरा रहा खतरा
सैकड़ों वर्ष पुराना यह ऐतिहासिक तालाब वर्तमान में प्रशासनिक और सामाजिक उपेक्षा के चलते पूरी तरह सूख चुका है। तालाब सूखने के साथ ही इसकी सुरक्षा दीवारें भी जर्जर अवस्था में पहुंच गई हैं। जानकारों का मानना है कि यदि समय रहते इसकी मरम्मत नहीं की गई, तो भविष्य में मुख्य मंदिर परिसर की संरचना पर भी खतरा उत्पन्न हो सकता है।
धरोहर बचाने के लिए जनसहयोग की अपील
सोसायटी के अध्यक्ष कन्हैयालाल भाटी ने बताया कि यह प्राचीन तालाब वर्षों से असंख्य जीव-जंतुओं एवं जनमानस की प्यास बुझाने का प्रमुख स्रोत रहा है। कोडमदेसर धाम की पहचान रहे इस तालाब की सुध लेना प्रत्येक श्रद्धालु एवं समाजसेवी का दायित्व है। सोसायटी के संरक्षक राजकुमार किराड़ू ने जानकारी दी कि रविवार, 17 मई 2026 को प्रातः 10:00 बजे से जीर्णोद्धार एवं सफाई अभियान का शुभारम्भ किया जाएगा। उन्होंने धर्मप्रेमी बंधुओं, युवाओं एवं सामाजिक संगठनों से अधिकाधिक संख्या में जुड़कर श्रमदान करने का आग्रह किया है।
संपर्क सूत्र जारी
सोसायटी पदाधिकारियों के अनुसार, यह तालाब हमारी सांस्कृतिक विरासत, आस्था और पर्यावरण संरक्षण का प्रतीक है। इस सामूहिक जनसहयोग अभियान से जुड़ने या अधिक जानकारी एवं सहयोग हेतु मोबाइल नंबर 9950105087 पर संपर्क किया जा सकता है।

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