— बड़ा आरोप: परिजनों का दावा—हनुमान नायक को चार लोगों ने हाथ-पैर पकड़कर चलती बस से नीचे फेंका; इलाज के दौरान तोड़ा दम।
— पुलिस की थ्योरी: थानाधिकारी बोले— युवक बस स्टैंड पर उतरा था, उसके बाद घायल कैसे हुआ इसकी हो रही है जांच।
— बढ़ा बवाल: मॉर्च्युरी से कलेक्ट्रेट तक पहुँचा प्रदर्शन; पोस्टमार्टम से इनकार कर धरने पर बैठे ग्रामीण, न्याय की मांग तेज।
बीकानेर, 5 मई (मंगलवार)। बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में श्रीडूंगरगढ़ निवासी एक युवक की मौत के बाद मंगलवार को माहौल गरमा गया। परिजनों ने 'हत्या' का आरोप लगाते हुए पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया और कलेक्ट्रेट परिसर में धरने पर बैठ गए। मामला 30 अप्रैल को हुई एक संदिग्ध मारपीट की घटना से जुड़ा है, जिसमें सोमवार को घायल युवक ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
क्या है पूरा विवाद?
श्रीडूंगरगढ़ के आड़सर निवासी हनुमान नायक 30 अप्रैल को एक निजी बस में सफर कर रहा था। परिजनों का आरोप है कि बस के अंदर सुभाष, नेतराम, किशनाराम और सहीराम मेघवाल ने हनुमान के साथ बेरहमी से मारपीट की और उसे चलती बस से बाहर फेंक दिया। गंभीर चोटें आने के कारण उसे पीबीएम अस्पताल भर्ती कराया गया था, जहाँ 4 मई (सोमवार) को उसकी मौत हो गई।
पुलिस जांच और 'बस स्टैंड' का पेंच
श्रीडूंगरगढ़ थानाधिकारी कश्यप सिंह राघव के अनुसार, अब तक की जांच में यह सामने आया है कि हनुमान को जैतसर बस स्टैंड पर उतार दिया गया था। वह बस से फेंकने के कारण घायल हुआ या स्टैंड से आगे जाते वक्त किसी और हादसे का शिकार हुआ, पुलिस इसकी पड़ताल कर रही है। पुलिस ने 1 मई को ही हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर लिया था, जिसे अब 'हत्या' की धारा में बदला जा रहा है।
कलेक्ट्रेट पर धरना, प्रशासन की बढ़ी मुश्किल
हनुमान की मौत के बाद मंगलवार सुबह से ही पीबीएम मॉर्च्युरी के बाहर भारी संख्या में ग्रामीण और परिजन जुटना शुरू हो गए। दोपहर 3 बजे तक प्रदर्शनकारी कलेक्ट्रेट पहुँच गए और न्याय की मांग को लेकर महापड़ाव डाल दिया। परिजनों की मांग है कि जब तक सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती और निष्पक्ष जांच का भरोसा नहीं मिलता, वे शव का पोस्टमार्टम नहीं करवाएंगे।
पहचान में देरी और आक्रोश
बता दें कि 30 अप्रैल को जब हनुमान लहूलुहान हालत में मिला था, तब उसकी पहचान नहीं हो पाई थी। 1 मई को परिजनों ने उसकी शिनाख्त की, जिसके बाद मामला दर्ज हुआ। फिलहाल कलेक्ट्रेट पर धरना जारी है और पुलिस व प्रशासन प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं।
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