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बीकानेर: नसबंदी ऑपरेशन के बाद महिला की मौत; पीबीएम के डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप, मोर्चरी के बाहर धरने पर बैठा स्वर्णकार समाज

India-1stNews




​— लापरवाही का आरोप: फलोदी के सरकारी अस्पताल में नसबंदी शिविर के दौरान महिला की आंत कटने की आशंका जताई गई; हालत बिगड़ने पर बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में इलाज के दौरान हुई मौत।

​— मोर्चरी के बाहर धरना: स्वर्णकार समाज और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के कार्यकर्ता पिछले 24 घंटे से पीबीएम मोर्चरी के बाहर धरने पर बैठे हैं, प्रशासन के न पहुंचने पर आक्रोश।

​— हनुमान बेनीवाल की एंट्री: नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने बीकानेर कलेक्टर व एसपी से फोन पर बात कर उच्च स्तरीय जांच, दोषी डॉक्टरों पर एफआईआर और पीड़ित परिवार को मुआवजे की मांग उठाई।

बीकानेर/फलोदी, 22 मई (शुक्रवार)। ​फलोदी के राजकीय चिकित्सालय में आयोजित एक नसबंदी शिविर में ऑपरेशन के बाद बीकानेर के पीबीएम (PBM) अस्पताल में उपचार के दौरान एक महिला की दर्दनाक मौत का मामला सामने आया है। मृतका के पति ने फलोदी और पीबीएम अस्पताल के डॉक्टरों पर इलाज में गंभीर लापरवाही बरतने और ऑपरेशन के दौरान आंत काटने का संगीन आरोप लगाते हुए बीकानेर के सदर थाने में लिखित रिपोर्ट दर्ज करवाई है। इस घटना के बाद से पीबीएम अस्पताल की मोर्चरी के बाहर तनाव का माहौल है और समाज के लोग धरने पर बैठ गए हैं।

शिविर में हुआ था ऑपरेशन, जांच में सामने आई आंत कटने की बात

​प्राप्त जानकारी के अनुसार, फलोदी निवासी संतोष कुमार सोनी ने पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया कि उनकी पत्नी संजू सोनी का गत 16 मई 2026 को फलोदी के सरकारी अस्पताल में नसबंदी शिविर के दौरान ऑपरेशन किया गया था। ऑपरेशन के बाद उन्हें डिस्चार्ज कर घर भेज दिया गया, लेकिन इसके दो दिन बाद ही संजू के पेट में असहनीय दर्द और लगातार उल्टियां शुरू हो गईं।

​परिजन आनन-फानन में 20 मई को महिला को बीकानेर के कोठारी अस्पताल लेकर पहुंचे। यहाँ जांच के दौरान डॉक्टरों ने अंदेशा जताया कि नसबंदी ऑपरेशन के वक्त डॉक्टरों की लापरवाही से महिला की आंत कट गई थी, जिससे संक्रमण फैल गया। इसके बाद गंभीर हालत में महिला को पीबीएम अस्पताल रेफर किया गया।

पीबीएम में ऑपरेशन के 4 घंटे बाद तोड़ा दम

​बुधवार देर रात पीबीएम अस्पताल के ट्रॉमा/सर्जरी विभाग में सीनियर सर्जन डॉ. अशोक लूणिया की यूनिट के डॉक्टरों ने महिला का आपातकालीन ऑपरेशन किया। लेकिन तब तक संक्रमण शरीर में काफी फैल चुका था। ऑपरेशन के महज चार-पांच घंटे बाद गुरुवार सुबह संजू सोनी ने दम तोड़ दिया। महिला की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। तीन छोटे बच्चों के सिर से मां का साया उठ जाने के कारण परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।

मोर्चरी के बाहर 24 घंटे से धरना, प्रशासन के खिलाफ आक्रोश

​महिला की मौत के बाद मेढ़ स्वर्णकार समाज और आरएलपी (RLP) कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। शव को पीबीएम की मोर्चरी में रखवाकर समाज के लोग और नेता धरने पर बैठ गए। आरएलपी नेता विजयपाल बेनीवाल ने प्रशासनिक उदासीनता पर सवाल उठाते हुए कहा कि पीड़ित परिवार पिछले 24 घंटे से मोर्चरी के बाहर न्याय की गुहार लगा रहा है, लेकिन प्रशासन का कोई भी नुमाइंदा या चिकित्सा विभाग का बड़ा अधिकारी उनसे बात करने तक नहीं पहुंचा है।

​धरने में सामाजिक कार्यकर्ता मगनाराम केडली, दानाराम घिंटाला, मेढ़ स्वर्णकार समाज के पूर्व अध्यक्ष हुकुमचंद सोनी सहित बड़ी संख्या में समाज के प्रबुद्ध जन मौजूद हैं। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगें हैं कि:

  1. ​लापरवाही बरतने वाले संबंधित डॉक्टरों और सहयोगी स्टाफ के खिलाफ तुरंत नामजद एफआईआर (FIR) दर्ज की जाए।
  2. ​पीड़ित परिवार और अनाथ हुए तीन बच्चों के भविष्य के लिए सरकार उचित मुआवजा दे।

सांसद हनुमान बेनीवाल ने कलेक्टर-एसपी से की बात

​इस संवेदनशील मामले की गूंज अब सियासी गलियारों तक पहुंच गई है। नागौर सांसद और आरएलपी सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल ने सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर गहरा दुख जताया और कड़ा रुख अख्तियार किया है। बेनीवाल ने बीकानेर जिला कलेक्टर निशांत जैन और पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा से फोन पर वार्ता कर मामले की निष्पक्ष उच्च स्तरीय जांच कराने और दोषियों को सस्पेंड कर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने बीकानेर के स्थानीय कार्यकर्ताओं को न्याय मिलने तक पीड़ित परिवार के साथ धरने पर डटे रहने के निर्देश दिए हैं।

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