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देशद्रोह की बड़ी साजिश: बीकानेर नाल और असम चबुआ एयरबेस की गोपनीय जानकारी पाकिस्तान पहुंची; IAF कर्मचारी सुमित गिरफ्तार

India-1stNews



– सुरक्षा में सेंध: पश्चिमी और पूर्वी कमान के महत्वपूर्ण एयरबेस की लोकेशन, मिसाइल सिस्टम और लड़ाकू विमानों की तैनाती का डेटा लीक।

– जासूसी का जाल: राजस्थान इंटेलिजेंस और एयरफोर्स की संयुक्त कार्रवाई; जैसलमेर से शुरू हुई जांच ने डिब्रूगढ़ (असम) से दबोचा आरोपी।

– डिजिटल गद्दारी: प्रयागराज का सुमित कुमार सोशल मीडिया के जरिए पाक हैंडलर्स के संपर्क में था; पैसों के लालच में 2023 से बेच रहा था देश के राज।

बीकानेर/जयपुर, 23 मार्च (सोमवार)। भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा को झकझोर देने वाले एक बड़े जासूसी कांड का पर्दाफाश हुआ है। भारतीय वायुसेना (IAF) के चबुआ एयरफोर्स स्टेशन (असम) में मल्टी टास्किंग स्टाफ (MTS) के पद पर तैनात सुमित कुमार को पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी ने राजस्थान के सामरिक रूप से अति-संवेदनशील नाल एयरफोर्स स्टेशन (बीकानेर) की गोपनीय जानकारियां भी दुश्मन देश के साथ साझा की हैं।

जैसलमेर से डिब्रूगढ़ तक फैला नेटवर्क

​इस बड़े नेटवर्क का खुलासा तब हुआ जब जनवरी 2026 में राजस्थान इंटेलिजेंस ने जैसलमेर से झबराराम नामक संदिग्ध को पकड़ा था। झबराराम से हुई पूछताछ में सुमित कुमार का नाम सामने आया। राजस्थान और एयरफोर्स इंटेलिजेंस ने सुमित की डिजिटल गतिविधियों को ट्रैक किया, तो पुष्टि हुई कि वह लगातार पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों के संपर्क में था। इसके बाद उसे असम से हिरासत में लेकर जयपुर लाया गया।

क्या-क्या जानकारी हुई लीक?

​आरोपी सुमित भले ही एक छोटे पद पर था, लेकिन उसने अपनी पहुँच का गलत फायदा उठाकर कई रणनीतिक राज पाकिस्तान को भेजे:

बीकानेर (नाल): पश्चिमी सीमा पर त्वरित प्रतिक्रिया देने वाले इस बेस की ऑपरेशनल जानकारियां।

असम (चबुआ): चीन सीमा के करीब स्थित इस बेस के लड़ाकू विमानों और मिसाइल प्रणालियों की स्थिति।

मिसाइल सिस्टम: हथियारों की क्षमता, तैनाती की लोकेशन और वायुसेना कर्मियों की व्यक्तिगत जानकारियां।

हनीट्रैप और डिजिटल हथियार

​जांच में सामने आया है कि आरोपी ने सोशल मीडिया पर फर्जी आईडी बनाकर और एन्क्रिप्टेड ऐप्स का उपयोग कर जानकारी साझा की। वह 2023 से पाकिस्तान के संपर्क में था और हर जानकारी के बदले उसे ऑनलाइन भुगतान किया जा रहा था। यह मामला आधुनिक जासूसी के उस 'डिजिटल चेहरे' को उजागर करता है जहाँ मोबाइल और इंटरनेट को हथियार बनाया जा रहा है।

कानूनी कार्रवाई और गंभीर धाराएं

​जयपुर स्थित स्पेशल पुलिस स्टेशन में आरोपी के खिलाफ शासकीय गुप्त बात अधिनियम (Official Secrets Act) 1923 और भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। वर्तमान में केंद्रीय एजेंसियां सुमित से यह उगलवाने की कोशिश कर रही हैं कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन से 'अंदरूनी लोग' शामिल हैं।

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