– अफवाह का असर: पंप बंद होने की खबरों के बाद बीकानेर में मची अफरा-तफरी।
– जमीनी हालात: शहर के कई प्रमुख पेट्रोल पंपों पर तेल खत्म; मालिकों ने कहा— "पीछे से सप्लाई बाधित होने से बंद करने पड़े पंप।"
– भारी भीड़: कोई टंकी फुल कराने की होड़ में, तो कोई भविष्य के लिए ड्रम भरता आया नजर; पुलिस को संभालना पड़ा मोर्चा।
– पेट्रोल पंप मालिकों का बयान: केवल अफवाओं के कारण ये स्थिति पैदा हुई है किसी एक दो पेट्रोल पंप पर तेल नही होने के कारण ये हालात बने
बीकानेर, 23 मार्च (सोमवार)।बीकानेर शहर में आज शाम अचानक पेट्रोल और डीजल खत्म होने की अफवाह ने आग की तरह जोर पकड़ लिया। सोशल मीडिया पर देश के कुछ राज्यों में पेट्रोल पंप बंद होने की खबरों के वायरल होते ही बीकानेर के लोग भी अपनी गाड़ियों की टंकियां फुल कराने के लिए पंपों की ओर दौड़ पड़े। हालात इतने बेकाबू हो गए कि कई इलाकों में जाम की स्थिति बन गई।
पंपों पर 'तेल' खत्म, मालिकों ने जताई बेबसी
शहर के कई मुख्य मार्गों पर स्थित पेट्रोल पंपों पर जब स्टॉक खत्म होने लगा, तो संचालकों को मजबूरी में सप्लाई बंद करनी पड़ी। पेट्रोल पंप मालिकों का कहना है कि— "पिछले कुछ समय से डिपो से माल की सप्लाई उतनी नहीं हो रही है जितनी मांग है। अचानक भारी भीड़ आने से बचा-कुचा स्टॉक भी खत्म हो गया, जिसके कारण पंप बंद करने पड़े हैं।"
ड्रम और बोतलों के साथ दिखे लोग
पंपों पर केवल दुपहिया और चौपहिया वाहन ही नहीं, बल्कि बड़ी संख्या में लोग प्लास्टिक के ड्रम और बोतलें लेकर भी तेल भरवाते नजर आए। लोगों में डर है कि अगर हड़ताल लंबी चली या सप्लाई पूरी तरह रुक गई, तो आने वाले दिनों में आवागमन ठप हो सकता है।
प्रशासन की अपील: अफवाहों पर न दें ध्यान
भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने कई पेट्रोल पंपों पर जाब्ता तैनात किया है। प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की गई है कि वे घबराएं नहीं और किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें। जिले में ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
'India First News' की विशेष अपील
"India First News सभी बीकानेरवासियों और पाठकों से विनम्र अपील करता है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रही पेट्रोल पंप बंद होने जैसी अफवाहों पर बिल्कुल ध्यान न दें। जब तक किसी भी विषय में सरकारी आदेश या प्रशासन की ओर से आधिकारिक पुष्टि (Official Confirmation) न हो जाए, तब तक ऐसी खबरों पर विश्वास न करें और न ही इन्हें आगे शेयर करें। अनावश्यक रूप से पंपों पर भीड़ लगाने से व्यवस्था बिगड़ती है। कृपया संयम बरतें और केवल विश्वसनीय स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर ही भरोसा करें।"
कलेक्टर की अपील: अनावश्यक भंडारण न करें
जिला कलेक्टर श्रीमती नम्रता वृष्णि ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि वे किसी भी प्रकार की भ्रामक खबरों पर ध्यान न दें। उन्होंने कहा कि लोग बिना आवश्यकता के ईंधन का अनावश्यक भंडारण (ड्रम या बोतलों में भरना) न करें, क्योंकि इससे व्यर्थ की अफरा-तफरी मचती है। प्रशासन पूरी स्थिति पर निरंतर निगरानी रख रहा है।
क्यों बंद हुए कुछ पेट्रोल पंप? (DSO का स्पष्टीकरण)
जिला रसद अधिकारी श्री नरेश शर्मा ने बताया कि जिले में तेल की कोई कमी नहीं है। असल में, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें बढ़ने के कारण पेट्रोलियम कंपनियों (IOCL, BPCL, HPCL) ने डीलर्स को 'क्रेडिट' यानी उधार पर तेल देना बंद कर दिया है।
अब तेल मंगाने के लिए 'एडवांस पेमेंट' अनिवार्य कर दिया गया है। कुछ पेट्रोल पंप संचालक समय पर अग्रिम भुगतान नहीं कर पाए, जिसके चलते उनके पास स्टॉक खत्म हो गया और उन्होंने पंप बंद कर दिए। इसी वजह से जनता के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो गई।
कंपनियों के पास 3 महीने का रिजर्व स्टॉक
ऑयल कंपनियों के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि देश भर में आगामी तीन महीनों के लिए डीजल और पेट्रोल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। आपूर्ति में कोई तकनीकी या लॉजिस्टिक बाधा नहीं है।

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