– सामूहिक निर्णय: दर्जनों हस्ताक्षर युक्त वायरल पत्र में ग्रामीणों का ऐलान— "सुरजाराम सारण के परिवार को गांव में नहीं मिलेगी शरण"; आरोपी पक्ष का सामाजिक बहिष्कार।
– आक्रोश की लहर: गुवाड़ के बीच हुई हरिराम की हत्या से दहला गांव; सरपंच और ग्रामीणों ने एकराय होकर लिया कड़ा फैसला।
– कड़ी चेतावनी: यदि किसी ने की आरोपी परिवार की मदद, तो उस पर भी गिरेगी बहिष्कार की गाज; गांव में तनावपूर्ण शांति।
बीकानेर, 18 मार्च (बुधवार)।बीकानेर जिले के उत्तमामदेसर गांव में उधारी के मामूली विवाद में हुई हरिराम गोदारा की हत्या ने अब एक बड़ा सामाजिक रूप ले लिया है। मंगलवार को गांव में आयोजित एक विशाल ग्रामसभा में ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से आरोपी सुरजाराम सारण और उसके परिवार के विरुद्ध 'सामाजिक बहिष्कार' का प्रस्ताव पारित किया है।
वायरल पत्र: गांव ने दिखाई एकजुटता
सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे एक पत्र में, जिस पर दर्जनों ग्रामीणों के हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान हैं, स्पष्ट लिखा गया है कि गांव की सुख-शांति भंग करने वाले और खुलेआम हत्या जैसी वारदात को अंजाम देने वाले परिवार के लिए गांव में कोई जगह नहीं है।
निर्णय के मुख्य बिंदु:
- सहयोग पर पाबंदी: गांव का कोई भी व्यक्ति आरोपी सुरजाराम के परिवार को किसी भी प्रकार की शरण, आर्थिक मदद या सामाजिक सहयोग नहीं देगा।
- मददगारों पर कार्रवाई: यदि गांव का कोई भी शख्स इस परिवार की गुप्त या प्रत्यक्ष रूप से मदद करता पाया गया, तो उस व्यक्ति का भी पूरे गांव द्वारा सामाजिक बहिष्कार कर दिया जाएगा।
- सरपंच का समर्थन: इस कड़े फैसले को ग्राम पंचायत उत्तमामदेसर के सरपंच और मौजीज लोगों ने भी अपना पूर्ण समर्थन दिया है।
प्रशासन से सख्त सजा की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि सरेआम "गायों की गुवाड़" (सार्वजनिक स्थान) के बीच जिस तरह हरिराम की जान ली गई, उससे पूरे क्षेत्र में असुरक्षा का भाव है। ग्रामसभा ने बीकानेर पुलिस और प्रशासन से मांग की है कि आरोपियों को फांसी जैसी सख्त सजा दिलाई जाए, ताकि भविष्य में कोई भी कानून हाथ में लेने की हिम्मत न करे।

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