– जामसर त्रासदी: कतरियासर निवासी महेंद्र नाथ ने घर की ऊपरी मंजिल पर की आत्महत्या; चाचा नारायण नाथ ने दर्ज कराई मर्ग।
– खाजूवाला में मातम: कैलाश पुरी कॉलोनी के वार्ड नंबर 5 में आकाश दीप ने तोड़ा दम; परिजनों ने अस्पताल पहुँचाया, पर तब तक हो चुकी थी देर।
– अनसुलझी गुत्थी: दोनों ही मामलों में आत्महत्या के कारणों का खुलासा नहीं; पुलिस हर एंगल से कर रही है जांच।
बीकानेर, 05 अप्रैल (रविवार)।
बीकानेर जिले में युवाओं के बीच बढ़ती अवसाद और आत्महत्या की प्रवृत्ति एक गंभीर चिंता का विषय बनती जा रही है। पिछले 24 घंटों के भीतर जिले के दो अलग-अलग थाना क्षेत्रों में दो होनहार युवाओं ने फंदे से लटककर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली।
केस 1: जामसर— लाइब्रेरी से लौटकर उठाया खौफनाक कदम
जामसर थाना क्षेत्र के कतरियासर गांव में महेंद्र नाथ (20) की मौत ने सबको झकझोर दिया है। मृतक के चाचा नारायण नाथ ने पुलिस को बताया कि महेंद्र 3 अप्रैल को लाइब्रेरी से पढ़ाई कर वापस घर लौटा था। घर आकर उसने सामान्य रूप से चाय पी और शाम 5 बजे बिना किसी को कुछ बताए घर की ऊपरी मंजिल पर बने कमरे में चला गया। वहां उसने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों को जब तक भनक लगी, महेंद्र की सांसें थम चुकी थीं। पुलिस ने चाचा की रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर लिया है।
केस 2: खाजूवाला— 18 वर्षीय आकाश दीप की संदिग्ध मौत
सीमावर्ती क्षेत्र खाजूवाला की कैलाश पुरी कॉलोनी (वार्ड नंबर 5) में शनिवार को एक और हृदयविदारक घटना घटी। यहाँ आकाश दीप (18) ने अपने ही घर में फांसी का फंदा लगा लिया। परिजनों ने उसे फंदे पर झूलता देख तुरंत नीचे उतारा और खाजूवाला अस्पताल लेकर भागे, लेकिन चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पहुँची खाजूवाला पुलिस ने शव को मोर्चरी में रखवाया है।
प्रशासन और समाज के सामने सवाल
दोनों ही मामलों में पुलिस इस बात की तफ्तीश कर रही है कि आखिर इतनी कम उम्र में इन युवाओं ने ऐसा आत्मघाती कदम क्यों उठाया। क्या यह पढ़ाई का तनाव था, कोई पारिवारिक कलह या फिर कोई अन्य मानसिक कारण? पुलिस मोबाइल डेटा और परिजनों के बयानों के आधार पर जांच को आगे बढ़ा रही है।

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