— त्वरित कार्यवाही: पुलिस थाना नोखा ने तत्परता दिखाते हुए अपहरण की झूठी कहानी का महज 4 घंटों में पर्दाफाश कर आरोपियों को गिरफ्तार किया.
— गुमराह करने की कोशिश: आरोपी ने पुलिस पर दबाव बनाने और जांच को भटकाने के लिए दोस्तों के साथ मिलकर खुद के अपहरण का झूठा वीडियो बनाया था.
— गिरफ्तारी: पुलिस ने साजिश रचने वाले मुख्य आरोपी विष्णु जोशी सहित उसके तीन साथियों को हिरासत में लिया है.
बीकानेर, 14 मई (गुरुवार)। पुलिस थाना नोखा ने स्वयं के अपहरण की झूठी साजिश रचने के मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने घटना की गंभीरता को देखते हुए मात्र 4 घंटों के भीतर पूरी सच्चाई सामने लाते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
क्या था मामला?
13 मई 2026 को परिवादिया अनुराधा ने नोखा थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी कि उनके बेटे विष्णु का देर रात करीब 2:00 से 2:30 बजे के बीच तीन-चार अज्ञात लोगों ने घर से अपहरण कर लिया है। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण बनवारी लाल के निर्देशन में थानाधिकारी अरविन्द कुमार भारद्वाज के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई।
साजिश का पर्दाफाश
गठित टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और आस-पड़ोस में पूछताछ के बाद विष्णु जोशी के दोस्तों को शक के आधार पर तलब किया। कड़ाई से पूछताछ में सामने आया कि विष्णु जोशी ने अपने भाई नारायण पारीक और गौरीशंकर पारीक के साथ मिलकर खुद पर हमले और अपहरण का एक फर्जी वीडियो बनाया था। इस वीडियो को व्हाट्सएप पर भेजने के बाद उसने अपना फोन बंद कर दिया और दोस्त के घर जाकर सो गया।
पुलिस पर दबाव बनाने की थी मंशा
जांच में खुलासा हुआ कि विष्णु ने यह नाटक पूर्व में दर्ज एक प्रकरण (संख्या 217/2026) में पुलिस पर दबाव बनाने और जांच को गुमराह करने के उद्देश्य से रचा था। पुलिस ने त्वरित कार्यवाही करते हुए मुख्य आरोपी विष्णु (22), गौरीशंकर पारीक (25), शिवलाल विश्नोई (26) और नारायण पारीक (22) को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस टीम की भूमिका
इस सफल कार्यवाही में थानाधिकारी अरविन्द कुमार, सहायक उपनिरीक्षक ताराचन्द मीणा, हेड कांस्टेबल अशोक कुमार, कांस्टेबल गणेश गुर्जर और लक्ष्मण की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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