– बड़ी जीत: सोनीपत ट्रायल में आर्यांशी का धमाकेदार प्रदर्शन; एशियन खेलों के बाद अब विश्व मंच पर मिली भारतीय टीम की जर्सी।
– ऐतिहासिक सफर: 10 मई से गुजरात में लगेगा नेशनल कैंप; 4 जून से दुनिया भर के दिग्गजों के बीच भारत के लिए खेलेंगी आर्यांशी।
– संस्कारों का फल: गुरुकुल की शिक्षा और आचार्या सुमेधा के मार्गदर्शन ने तय किया 'वर्ल्ड चैंपियनशिप' तक का रास्ता।
श्रीडूंगरगढ़ (बीकानेर), 4 मई (सोमवार)। राजस्थान की माटी और श्रीडूंगरगढ़ के संस्कारों ने एक बार फिर खेल जगत में अपनी चमक बिखेरी है। क्षेत्र की होनहार बेटी आर्यांशी स्वामी का चयन विश्व योगासन चैंपियनशिप के लिए भारतीय टीम में हुआ है। यह उपलब्धि केवल श्रीडूंगरगढ़ ही नहीं, बल्कि पूरे बीकानेर संभाग के लिए गौरव की बात है, क्योंकि आर्यांशी इस स्तर तक पहुँचने वाली संभाग की पहली महिला खिलाड़ी बन गई हैं।
सोनीपत ट्रायल में फहराया परचम
भारत सरकार द्वारा अहमदाबाद में प्रस्तावित विश्व योगासन प्रतियोगिता के लिए हरियाणा के सोनीपत में कड़ा सिलेक्शन ट्रायल आयोजित किया गया था। रविवार देर शाम जब परिणाम जारी हुए, तो आर्यांशी के चयन की खबर ने पूरे राजस्थान को गौरवान्वित कर दिया। आर्यांशी अब 10 मई से 2 जून तक अहमदाबाद में भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के विशेष नेशनल कोचिंग कैंप में पसीना बहाएंगी, जिसके बाद 4 से 8 जून तक विश्व स्तर की प्रतियोगिता में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगी।
गुरुकुल से मिली कामयाबी की ऊर्जा
कक्षा 5 से ही चोटीपुरा गुरुकुल में शिक्षा और योग के अनुशासन को अपनाने वाली आर्यांशी ने अपनी इस सफलता का सारा श्रेय अपनी श्रद्धेय आचार्या सुमेधाजी के चरणों में अर्पित किया है। वह बेनीसर स्थित आर्यस्थली गुरुकुल के संस्थापक अमित आर्य की सुपुत्री और पूर्व पालिकाध्यक्ष शिव स्वामी की पौत्री हैं।
क्षेत्र में हर्ष, शुभकामनाओं का तांता
आर्यांशी की इस कामयाबी पर स्वामी परिवार के वरिष्ठ सदस्य ओमप्रकाश स्वामी, देवकिशन स्वामी, नारायण स्वामी और विहिप जिलाध्यक्ष जगदीश स्वामी सहित नागरिक विकास परिषद के सदस्यों ने इसे श्रीडूंगरगढ़ के लिए स्वर्णिम क्षण बताया। शहर के गणमान्य नागरिकों और खेल प्रेमियों ने उम्मीद जताई है कि आर्यांशी विश्व पटल पर स्वर्ण पदक जीतकर देश और राजस्थान का नाम रोशन करेंगी।

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