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बीकानेर में 'मानव तस्करी' के बड़े सिंडिकेट का भंडाफोड़: दो बहनों का 3 लाख में सौदा, पुलिस ने नया शहर से किया रेस्क्यू

India-1stNews



​– शर्मनाक: माता-पिता से मिलवाने का झांसा देकर बिहार से अगवा की गई थीं 13 और 14 साल की दो चचेरी बहनें।

बड़ी सफलता: नालंदा पुलिस ने बीकानेर पुलिस के सहयोग से नया शहर इलाके में दी दबिश; चित्तौड़गढ़ के दंपती सहित 4 गिरफ्तार।

एक और बरामदगी: तस्करों के चंगुल से छत्तीसगढ़ की तीसरी लड़की भी मिली; गिरोह का काम था गरीब बच्चियों को बहलाकर बाहरी राज्यों में बेचना।

बीकानेर, 5 मई (मंगलवार)। बीकानेर का नया शहर इलाका सोमवार को उस समय सुर्खियों में आ गया जब बिहार की नालंदा पुलिस ने यहाँ एक बड़े 'ह्यूमन ट्रैफिकिंग' (मानव तस्करी) गिरोह का भंडाफोड़ किया। बिहार के रहुई थाना क्षेत्र से गायब हुई दो चचेरी बहनों को तस्करों ने बीकानेर लाकर 3 लाख रुपये में बेच दिया था। पुलिस ने तकनीकी अनुसंधान के जरिए दोनों बच्चियों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया है।

स्टेशन से शुरू हुआ धोखे का खेल

9 अप्रैल को 13 और 14 साल की दो बहनें अपने माता-पिता के पास पंजाब जाने के लिए घर से निकली थीं। बिहार शरीफ स्टेशन पर उनकी मुलाकात महिला तस्कर धनवंती देवी से हुई। धनवंती ने उन्हें सुरक्षित माता-पिता के पास छोड़ने का झांसा दिया, लेकिन पंजाब ले जाने के बजाय उन्हें राजस्थान के तस्करों के हवाले कर दिया।

बीकानेर में हुई छापेमारी, दंपती गिरफ्तार

नालंदा एसपी के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने लोकेशन ट्रैक करते हुए बीकानेर के नया शहर थाना क्षेत्र में छापेमारी की। पुलिस ने मौके से दोनों बच्चियों को बरामद किया और उन्हें खरीदने वाले चित्तौड़गढ़ निवासी दंपती राजेश कुमार व्यास और उसकी पत्नी अंजलि कुमारी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि इन्होंने बच्चियों को नालंदा की धनवंती देवी से 3 लाख रुपये में खरीदा था।

छत्तीसगढ़ की एक और बच्ची मिली

गिरफ्तार दंपती को ट्रांजिट रिमांड पर बिहार ले जाया गया, जहाँ उनकी निशानदेही पर राजगीर से मास्टरमाइंड धनवंती देवी और पुरुषोत्तम कुमार को दबोचा गया। गिरफ्तारी के वक्त इनके पास से रायपुर (छत्तीसगढ़) की एक और नाबालिग लड़की बरामद हुई, जिसे तस्करी के इरादे से बंधक बनाकर रखा गया था।

जांच में जुटी पुलिस: क्या था इरादा?

तस्कर महिला धनवंती ने कबूल किया कि वह आर्थिक रूप से कमजोर बच्चियों को बहला-फुसलाकर बाहरी राज्यों के तस्करों को बेचती थी। अब पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि बीकानेर में इन बच्चियों को किस उद्देश्य से खरीदा गया था—क्या उनका इरादा यौन शोषण था, जबरन शादी या फिर घरेलू नौकर (हाउस मेड) के रूप में इस्तेमाल करना।

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