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बीकानेर पीबीएम अस्पताल में हंगामा: महाराणा प्रताप पर आपत्तिजनक पोस्ट को लेकर नर्सिंग स्टाफ में आक्रोश; संगठनों के विरोध के बाद नर्सिंग कर्मी ने मांगी माफी

India-1stNews



​— सोशल मीडिया विवाद: नर्सिंग कर्मियों के व्हाट्सएप ग्रुप में शेयर की गई थी कथित अपमानजनक पोस्ट; पीबीएम की 16 नंबर ओपीडी में मचा बवाल।

— भारी रोष: हिंदूवादी संगठनों और अन्य नर्सिंग स्टाफ ने जताई कड़ी आपत्ति; अस्पताल परिसर में काफी देर तक बनी रही तनावपूर्ण स्थिति।

— पटाक्षेप: मामले ने तूल पकड़ा तो संबंधित नर्सिंग कर्मी ने स्वीकार की गलती; सार्वजनिक रूप से माफी मांगने के बाद शांत हुआ विवाद।

​बीकानेर, 10 मई (रविवार)। बीकानेर संभाग के सबसे बड़े पीबीएम अस्पताल में शनिवार को उस समय माहौल गरमा गया जब एक नर्सिंग कर्मी द्वारा वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप को लेकर सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक पोस्ट साझा करने का मामला सामने आया। इस घटना के बाद अस्पताल परिसर के भीतर और बाहर हिंदूवादी संगठनों व अन्य कर्मचारियों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया।

​व्हाट्सएप ग्रुप से शुरू हुआ विवाद

जानकारी के अनुसार, पीबीएम के नर्सिंग कर्मियों का एक आंतरिक व्हाट्सएप ग्रुप बना हुआ है। इस ग्रुप में 16 नंबर ओपीडी में तैनात एक नर्सिंग कर्मी ने महाराणा प्रताप को लेकर एक विवादित पोस्ट साझा की। आरोप है कि इस पोस्ट में अभद्र भाषा और अपमानजनक टिप्पणियों का प्रयोग किया गया था। जैसे ही यह पोस्ट वायरल हुई, अन्य कर्मचारियों और शहर के विभिन्न संगठनों में भारी नाराजगी फैल गई।

​ओपीडी में हंगामा और प्रदर्शन

पोस्ट की जानकारी मिलते ही आक्रोशित नर्सिंग कर्मी और हिंदूवादी संगठनों से जुड़े लोग बड़ी संख्या में पीबीएम अस्पताल की 16 नंबर ओपीडी पहुँच गए। वहां तैनात संबंधित कर्मचारी का घेराव किया गया और नारेबाजी शुरू हो गई। देखते ही देखते ओपीडी क्षेत्र में काम-काज प्रभावित होने लगा और तनाव की स्थिति पैदा हो गई। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि महापुरुषों का अपमान किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

​माफी मांगने पर थमा मामला

मामला बढ़ता देख और पुलिस तक पहुँचने की नौबत आने से पहले संबंधित नर्सिंग कर्मी ने अपनी गलती स्वीकार कर ली। उत्तेजित भीड़ और सहकर्मियों के दबाव के बीच उसने सभी के सामने अपनी इस पोस्ट के लिए खेद प्रकट किया और भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति न करने की बात कहते हुए सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। माफीनामा मिलने के बाद संगठनों ने अपना विरोध वापस लिया और मामला शांत हुआ।

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