— ममत्व का अपमान: इलाज के बहाने पीबीएम अस्पताल में भर्ती करवाकर भाग निकले सगे बेटे; आधार कार्ड न होने से इलाज में आ रही थी बाधा।
— मानवीय पहल: पूर्व पार्षद मनोज विश्नोई ने न केवल इलाज शुरू करवाया, बल्कि दवा और राशन देकर सम्मान के साथ श्रीगंगानगर विदा किया।
— बड़ा दिल: मेडिकल कंपनी के साथी राजेश ने भी दिखाई दरियादिली; अस्पताल में अनुपलब्ध ₹8000 की दवाइयां मुफ्त उपलब्ध करवाईं।
बीकानेर, 11 मई (सोमवार)। कहते हैं माँ केवल एक रिश्ता नहीं, बल्कि जीवन की पहली पाठशाला होती है, जो बच्चे को त्याग और संस्कारों की सीख देती है। लेकिन जब वही औलाद अपनी जननी को अस्पताल में बेसहारा छोड़ जाए, तो रिश्तों पर से विश्वास डगमगाने लगता है। मदर्स डे के अवसर पर बीकानेर के पीबीएम अस्पताल से एक ऐसा ही मामला सामने आया, जहाँ मानवता शर्मसार हुई, लेकिन एक 'बेटे' के फर्ज ने उस माँ के ममत्व की लाज रख ली।
बेटों ने झाड़ा पल्ला, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
जानकारी के अनुसार, श्रीगंगानगर निवासी लाल मीरा कौर (मजबी सिख) को उसके दो बेटे और बहुएं 1 मई को इलाज के लिए बीकानेर के पीबीएम अस्पताल लेकर आए थे। उसे भर्ती करवाने के बाद परिजन चुपचाप रफूचक्कर हो गए। महिला के पास आधार कार्ड न होने के कारण उसका इलाज शुरू होने में तकनीकी दिक्कतें आ रही थीं। जब इस बेबस माँ का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, तो पूर्व पार्षद मनोज विश्नोई तुरंत अस्पताल पहुँचे।
इलाज से लेकर घर वापसी तक का जिम्मा
मनोज विश्नोई ने अस्पताल प्रशासन से बात कर तुरंत मीरा कौर का इलाज शुरू करवाया। उन्होंने महिला के दोनों बेटों को फोन कर अपनी माँ को वापस ले जाने का आग्रह किया, लेकिन दोनों ने ही उन्हें अपनाने से साफ मना कर दिया। बेटों की बेरुखी देख पीड़ित माँ ने वापस श्रीगंगानगर जाने की इच्छा जताई। इस पर विश्नोई ने मानवीयता दिखाते हुए न केवल उन्हें बस से गंगानगर भेजा, बल्कि उनके घर के लिए राशन और जरूरी दवाइयों का प्रबंध भी किया।
सहयोग और समाज को संदेश
इस पुनीत कार्य में विश्नोई के साथी राजेश (मेडिकल दवा कंपनी) ने भी मदद का हाथ बढ़ाया और अस्पताल में उपलब्ध न होने वाली करीब 8 हजार रुपये की दवाइयां नि:शुल्क उपलब्ध करवाईं। मनोज विश्नोई ने इस घटना को साझा करते हुए लिखा कि इस भौतिकवादी युग में मानवता कितनी मर चुकी है कि दो बेटे होने के बाद भी एक माँ बेसहारा है। इस पोस्ट के बाद शहर के कई अन्य समाजसेवी भी मदद के लिए आगे आए हैं।

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