— पोस्ट विजिट का मामला: बैंक ऑफ बड़ौदा के शाखा प्रबंधक लोन की औपचारिकता पूरी करने समता नगर निवासी परिवादिया के घर पहुंचे थे।
— गलतफहमी में बवाल: मैनेजर का पीछा कर रही उसकी पत्नी व अन्य साथियों ने परिवादिया के घर में जबरन घुसकर गृह अतिचार किया, तोड़फोड़ की और परिवादिया पर ईंट से जानलेवा हमला किया।
— बीएनएस की धाराओं में केस: गंगाशहर थाना पुलिस ने पीड़ित महिला की रिपोर्ट पर मुकदमा दर्ज कर जांच सीओ हिमांशु शर्मा को सौंपी है।
बीकानेर, 21 मई (गुरुवार)। बीकानेर के गंगाशहर थाना क्षेत्र में शक और गलतफहमी के चलते एक घर में घुसकर जबरन मारपीट, तोड़फोड़ और जानलेवा हमला करने का बेहद अजीब और गंभीर मामला सामने आया है। बैंक लोन की पोस्ट विजिट करने आए एक शाखा प्रबंधक (ब्रांच मैनेजर) का पीछा करते हुए कुछ लोग एक प्रतिष्ठित परिवार के घर में जबरन घुस गए और वहां जमकर उत्पाद मचाया। पुलिस ने पीड़ित महिला की रिपोर्ट पर 3 महिलाओं और 3 पुरुषों सहित कुल 6 आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संगीन धाराओं में मामला दर्ज किया है।
लोन की 'पोस्ट विजिट' करने आए थे मैनेजर साहब
गंगाशहर थाने में दर्ज करवाई गई रिपोर्ट के अनुसार, रामदेव कॉलोनी (अम्बे नगर) निवासी ललिता सोनी (37) पत्नी मुकेश सोनी ने हाल ही में अपनी पुत्री के साथ संयुक्त नाम से मंगलम ग्रीन्स में एक फ्लैट खरीदा था। इस फ्लैट के लिए उन्होंने बैंक ऑफ बड़ौदा, समता नगर से लोन लिया था। इसी लोन की कागजी प्रक्रियाओं और 'पोस्ट विजिट' (सत्यापन) के लिए बैंक ऑफ बड़ौदा के शाखा प्रबंधक मनीष कुमार 16 मई 2026 को दोपहर करीब 1 से 2 बजे के बीच ललिता सोनी के निवास स्थान पर पहुंचे थे।
'सिंधी महिला' के शक में सोनार (सोनी) परिवार के घर में घुसीं महिलाएं
परिवादिया ने बताया कि जब उन्होंने धूप में खड़े मैनेजर साहब को घर के आंगन में बिठाया और अपने पुत्र भरत सोनी को फोन कर घर बुलाया, तभी अचानक मुख्य गेट पर 6 लोग (3 महिला और 3 पुरुष) आ धमके। आरोपियों ने गेट पर लात मारी और जबरन घर के अंदर घुसकर हंगामा शुरू कर दिया। उन्होंने आते ही मैनेजर मनीष कुमार को घसीटकर बाहर निकाला और उनके साथ मारपीट करने लगे।
जब ललिता सोनी ने इसका विरोध किया और कारण पूछा, तो हमलावर महिलाओं में से एक उम्रदराज महिला ने गाली-गलौज करते हुए चिल्लाकर कहा—
"यह ब्रांच मैनेजर मेरा पति है। मैं इस पर कई सालों से शक कर रही हूं। मुझे अंदेशा था कि इसका किसी सिंधी समाज की महिला के साथ चक्कर चल रहा है, इसलिए मैं पीछा करते हुए तुम्हारे घर में घुस आई।"
इस पर परिवादिया ने सफाई दी कि वे सिंधी नहीं बल्कि सोनार (सोनी) जाति के हैं और मैनेजर साहब उनके बेटे से लोन के सिलसिले में मिलने आए हैं।
ईंट से जानलेवा हमला और तोड़फोड़; पुलिस को देख भागे आरोपी
सच्चाई सामने आने के बाद भी आरोपियों का गुस्सा शांत नहीं हुआ। महिला के साथ आए अन्य आरोपियों— ताराचंद, सुमन, अमित, दिव्या और दिव्यांश ने घर के अंदर तोड़फोड़ शुरू कर दी। इसी बीच मौका पाकर बैंक मैनेजर अपनी गाड़ी से जान बचाकर वहां से भाग निकले। मैनेजर के जाने के बाद आरोपियों ने परिवादिया और उसके बेटे भरत सोनी पर मकान के आगे पड़ी ईंटों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। आरोपियों ने परिवादिया के सिर पर ईंट मारकर जान लेने का प्रयास किया, लेकिन अचानक नीचे झुक जाने के कारण ईंट सिर के ऊपर से गुजर गई और उनकी जान बच गई।
इसके बाद पीड़िता ने तुरंत गंगाशहर थाना पुलिस को फोन किया। पुलिस की गाड़ी को मौके पर आता देख आरोपी रात में वापस आने और भुगत लेने की धमकी देते हुए भाग गए। बेटी की अचानक तबीयत खराब होने और उसे इलाज के लिए तुरंत जयपुर ले जाने के कारण पीड़िता रिपोर्ट दर्ज कराने में दो दिन लेट हो गई।
आरपीएस अधिकारी हिमांशु शर्मा करेंगे मामले की जांच
गंगाशहर थाना पुलिस ने परिवादिया ललिता सोनी की लिखित रिपोर्ट के आधार पर आरोपी बैंक मैनेजर की पत्नी, ताराचंद पुत्र प्रेमचंद, सुमन पुत्री ताराचंद, अमित पुत्र घनश्याम, दिव्या और दिव्यांश के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115(2), 126(2), 331(3), 351(2) और 189(2) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। इस हाई-प्रोफाइल मामले का अनुसंधान गंगाशहर वृताधिकारी हिमांशु शर्मा के सुपुर्द किया गया है।

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