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बीकानेर पुलिस का केदारनाथ में फिल्मी स्टाइल एक्शन: चायवाला बनकर दी दस्तक, नाबालिग सुरक्षित बरामद, आरोपी गिरफ्तार

India-1stNews



​— 8 घंटे की पैदल चढ़ाई: मोबाइल लोकेशन के आधार पर नोखा पुलिस की टीम उत्तराखंड की पहाड़ियों को पार कर केदारनाथ के पास एक सुदूर गांव तक पहुंची।

​— चायवाला बनकर दी दस्तक: सुबह 5 बजे एएसआई ने 'चाय गरम' की आवाज लगाकर होटल का कमरा खुलवाया और शातिर आरोपी को रंगे हाथों दबोच लिया।

​— पॉक्सो एक्ट में केस: पुलिस ने नोखा निवासी 27 वर्षीय आरोपी कन्हैयालाल को गिरफ्तार कर लिया है और पीड़िता को सुरक्षित उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया।

बीकानेर, 21 मई (गुरुवार)। बीकानेर जिले की नोखा थाना पुलिस ने एक नाबालिग लड़की के अपहरण के मामले में तत्परता और अदम्य साहस का परिचय देते हुए करीब 1200 किलोमीटर दूर उत्तराखंड के केदारनाथ मार्ग से आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बेहद शातिर तरीके से 'चाय वाले' का भेष बदलकर आरोपी के ठिकाने पर दस्तक दी और नाबालिग को सुरक्षित रेस्क्यू किया।

लोकेशन ट्रेस न हो, इसलिए कुछ सेकंड ही ऑन करता था मोबाइल

​नोखा थानाधिकारी अरविंद भारद्वाज ने बताया कि गत 27 अप्रैल को थाने में एक नाबालिग लड़की के लापता होने का मुकदमा दर्ज हुआ था। मामले की गंभीरता को देखते हुए बीकानेर साइबर थाने में तैनात एएसआई दीपक यादव को तकनीकी अनुसंधान का जिम्मा सौंपा गया। आरोपी कन्हैयालाल बेहद शातिर था; वह पुलिस को चकमा देने के लिए अपना मोबाइल दिनभर में केवल कुछ ही सेकंड के लिए ऑन करता और तुरंत बंद कर देता था। लगातार निगरानी के बाद साइबर सेल ने उसकी लोकेशन ऋषिकेश के रास्ते केदारनाथ ट्रैक पर ट्रेस की।

17 मई को रवाना हुई टीम, पहाड़ियों पर 8 घंटे पैदल तलाशी

​लोकेशन पुख्ता होते ही नोखा थाने से एक विशेष टीम 17 मई की शाम को उत्तराखंड के लिए रवाना हुई। सोनप्रयाग पहुंचने के बाद आगे के रास्ते के लिए पुलिस टीम ने अपनी वर्दी उतारी और बिना वर्दी के (सादे वस्त्रों में) आगे बढ़े। केदारनाथ ट्रैक पर केवल पैदल या हवाई यात्रा का ही विकल्प होने के कारण एएसआई हरिराम मीणा के नेतृत्व में टीम ने पहाड़ी रास्तों और खाईयों के आसपास तलाशी लेते हुए लगातार 8 घंटे तक पैदल चढ़ाई की।

‘चाय ले लो... चाय गरम...’ की आवाज पर खुला दरवाजा और दबोचा

​टीम को लीड कर रहे एएसआई हरिराम मीणा ने बताया कि 19 मई को केदारनाथ के पास एक छोटे से गांव के होटल में आरोपी के छिपे होने की पुख्ता जानकारी मिली। आरोपी को भनक न लगे, इसके लिए पुलिस ने एक अनोखा प्लान बनाया।

​"सुबह करीब 5:00 बजे हम होटल पहुंचे और पहाड़ी यात्रियों को जगाने वाले स्थानीय लहजे में आवाज लगाई— ‘चाय ले लो... चाय गरम... टैक्सी तैयार है... रास्ता खुला हुआ है...’। पहले प्रयास में दरवाजा नहीं खुला, तो हमने तीन बार जोर से गेट खटखटाया। जैसे ही भीतर से कुंडी खुली, सामने वांछित आरोपी कन्हैयालाल खड़ा था। टीम ने उसे तुरंत दबोच लिया और कमरे के अंदर मौजूद नाबालिग बच्ची को सकुशल दस्तयाब किया।"


आरोपी आज कोर्ट में होगा पेश, पॉक्सो के तहत मामला दर्ज

​पुलिस टीम आरोपी और नाबालिग को लेकर 20 मई (बुधवार) को नोखा लौटी। यहाँ कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद नाबालिग को उसके माता-पिता के सुपुर्द कर दिया गया, जिससे परिजनों की आंखों में खुशी के आंसू छलक आए। थानाधिकारी ने बताया कि आरोपी कन्हैयालाल (27) नोखा में ही कलर-पेंट (पुताई) का काम करता था। पीड़िता के मेडिकल और बयानों के आधार पर मामले में पॉक्सो (POCSO) एक्ट की धाराएं जोड़ी गई हैं। बुधवार शाम को आरोपी की गिरफ्तारी दर्शायी गई है, जिसे आज (गुरुवार) न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा।

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