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बीकानेर: 17,500 से अधिक नशीली गोलियों के साथ दो गिरफ्तार; मेडिकल सेवाओं की आड़ में युवाओं को परोस रहे थे 'जहर'

India-1stNews



​— बड़ी कार्रवाई: 'ऑपरेशन नीलकंठ' के तहत श्रीडूंगरगढ़ पुलिस ने बीदासर रोड पर नाकेबंदी कर तस्करों को दबोचा।

— भारी जखीरा: आरोपियों के कब्जे से 15,600 अल्प्राजोलम और 1980 ट्रामाडोल प्रतिबंधित मेडिकल गोलियां बरामद।

— सफेदपोश नशा: गिरफ्तार आरोपियों में एक निजी अस्पताल का कर्मचारी और दूसरा मेडिकल स्टोर संचालक निकला।

​बीकानेर, 10 मई (रविवार)। बीकानेर के श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में नशा तस्करों के बढ़ते लालच ने युवाओं के भविष्य को खतरे में डाल दिया है। क्षेत्र में अब पारंपरिक नशे के बजाय केमिकल और मेडिकल नशे की आवक तेजी से बढ़ी है। हालांकि, जिला पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा की पहल पर चलाए जा रहे 'ऑपरेशन नीलकंठ' के तहत श्रीडूंगरगढ़ पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। शनिवार को पुलिस ने नशीली गोलियों के एक बहुत बड़े जखीरे के साथ दो युवकों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।

​नाकेबंदी में धरे गए तस्कर

​थानाधिकारी कश्यप सिंह के अनुसार, नशे की रोकथाम के लिए मुखबिरों को सक्रिय किया गया है। शनिवार को एसआई रतनलाल की अगुवाई में एएसआई रामस्वरूप, कांस्टेबल पुनीत, चंद्रपाल, महेश, कैलाश और चालक रामनिवास ने सटीक सूचना पर बीदासर रोड पर नाकेबंदी की। इस दौरान एक मोटरसाइकिल पर आ रहे दो संदिग्ध युवकों को रुकवाकर तलाशी ली गई, तो उनके पास से नशीली गोलियों का अंबार मिला।

​आरोपियों की पहचान और बरामदगी

​पुलिस ने मोटरसाइकिल जब्त कर दोनों युवकों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों की पहचान गांव रीड़ी निवासी दीनदयाल जाखड़ और बाडेला निवासी रफीक शफी के रूप में हुई है। इनके पास से 15,600 गोलियां अल्प्राजोलम और 1980 ट्रामाडोल गोलियां जब्त की गई हैं। यह जखीरा क्षेत्र में सप्लाई किया जाना था।

​मेडिकल सेवाओं के नाम पर 'मौत' का व्यापार

​हैरानी की बात यह है कि पकड़े गए दोनों युवक मेडिकल क्षेत्र से जुड़े हैं। आरोपी रफीक एक निजी अस्पताल में सेवाएं दे रहा है, वहीं दीनदयाल जाखड़ का धर्मास में मेडिकल स्टोर बताया जा रहा है। ये युवक अपनी पहचान का फायदा उठाकर युवाओं तक आसानी से नशीली गोलियां पहुंचा रहे थे। विशेषज्ञों के अनुसार, ये दवाएं मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र को धीमा कर देती हैं, जिससे यादाश्त कमजोर होना, गंभीर डिप्रेशन और मतिभ्रम (Haliucination) जैसी स्थितियां पैदा हो जाती हैं।

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