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बीकानेर साप्ताहिक विशेष: 'सब खैरियत है' कॉलम से मुकेश पूनिया की राजनीतिक और प्रशासनिक कड़वी सुर्खियां

India-1stNews




​— कालेधन पर संकट: ईरान युद्ध की आहट के बीच दुबई के कारोबारी संकट ने बीकानेर के सफेदपोश दो-नंबरी माफियाओं की नींद उड़ाई; डूब सकता है करोड़ों का निवेश।

​— आबकारी में हाहाकार: बीकानेर के दारू महकमे में कमीशन और अवैध ब्रांचों की मंथली दोगुनी होने से ठेकेदारों में हायतौबा; हाईकमान तक पहुंची शिकायतें।

​— जांच एजेंसियों का रडार: पीबीएम अस्पताल के टेंडरों में भ्रष्टाचार के सिंडिकेट को खंगालने पहुंची एसओजी और मेडिकल एजुकेशन की टीम; एसीबी की भी तैयारी।

बीकानेर, 18 मई (सोमवार)। पत्रकार मुकेश पूनिया के विशेष कॉलम 'सब खैरियत है' के तहत इस सप्ताह बीकानेर के प्रशासनिक, चिकित्सा और अवैध कारोबार जगत की अंदरूनी हलचलों का बड़ा खुलासा हुआ है। पढ़िए इस हफ्ते के प्रमुख चार घटनाक्रम:

1. ईरान युद्ध से बीकानेर के दो-नंबरी कारोबारियों की उड़ी नींद

​ईरान युद्ध के चलते दुबई के व्यापारिक जगत पर गहराते जा रहे संकट ने बीकानेर के दो-नंबरी कारोबारियों की टेंशन बढ़ा दी है। बीकानेर के कई सफेदपोश भू-माफियाओं और सटोरियों ने दुबई की कंपनियों, शेयर बाजार और वहां के बैंकों में थोक के भाव अपना कालाधन (ब्लैक मनी) निवेश कर रखा है। माना जा रहा है कि यदि यह युद्ध लंबा खिंचा तो दुबई की कंपनियों के साथ बीकानेर के इन माफियाओं का भी डूबना तय है। मगर फिलहाल सब खैरियत है।

2. दारू वाले डिपार्टमेंट (आबकारी) में कमीशनखोरी चरम पर

​बीकानेर के आबकारी महकमे में इन दिनों कमीशनखोरी और मंथली का खेल खुलेआम चल रहा है। शराब ठेकेदारों का आरोप है कि इस राज में नियमों की अनदेखी और शराब की अवैध ब्रांचें चलवाने के एवज में ली जाने वाली मंथली को दोगुना कर दिया गया है। करोड़ों रुपए का निवेश कर चुके ठेकेदार अंदरूनी प्रताड़ना झेल रहे हैं। हालांकि, इस मामले को लेकर आबकारी मुख्यालय (हाईकमान) तक शिकायतें पहुंचने के बाद अब कुछ राहत मिलने के आसार नजर आ रहे हैं। मगर फिलहाल सब खैरियत है।

3. पीबीएम अस्पताल में भ्रष्टाचार का सिंडिकेट; जांच के घेरे में अफसर

​भ्रष्टाचार की गवाह बनी पीबीएम अस्पताल में इन दिनों जांच एजेंसियों का साया गहरा गया है। मेडिकल एजुकेशन डिपार्टमेंट की टीम के औचक निरीक्षण के बाद अब एसओजी (SOG) ने भी अस्पताल के टेंडरों और खरीद से जुड़ी फाइलें खंगालना शुरू कर दिया है। जल्द ही भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की भी दस्तक होने वाली है। चर्चा है कि टेंडरों में हुए करोड़ों के घोटालों के इस सिंडिकेट के चक्रव्यूह में एसपी मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल और पीबीएम अधीक्षक भी फंसते नजर आ रहे हैं। मगर फिलहाल सब खैरियत है।

4. जांच एजेंसियों के डर से सीएमएचओ साब हुए 'हाइपर टेंशन' का शिकार

​बीकानेर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) की तबीयत अचानक इस कदर बिगड़ी कि उन्हें मेडिकल इमरजेंसी में भर्ती कराना पड़ गया। बाजार में चर्चा है कि सरकारी सप्लाई की सिरिंजों से जुड़े एक घोटाले की शिकायत के बाद साहब पहले से ही रडार पर थे। इसी बीच बीकानेर में एसओजी (SOG) की एंट्री की खबर सुनते ही साहब की नॉर्मल टेंशन 'हाइपर टेंशन' में बदल गई और उन्हें अस्पताल जाना पड़ा। मगर फिलहाल सब खैरियत है।

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